दिल्ली के उद्यमियों को बड़ी राहत – MCD फैक्टरी लाइसेंस समाप्त करने पर लघु उद्योग भारती के प्रयासों को मिली ऐतिहासिक सफलता
लघु उद्योग भारती, दिल्ली प्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में चल रही वर्षों की मेहनत को आज ऐतिहासिक सफलता मिली। दिल्ली के मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा जी के मार्गदर्शन, और दिल्ली नगर निगम के शीर्ष नेतृत्व के सकारात्मक दृष्टिकोण से दिल्ली के 52 औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित उद्यमों को अब एमसीडी फैक्टरी लाइसेंस की बाध्यता से राहत मिलने जा रही है।
लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह जी, नेता सदन श्री प्रवेश वाही जी, स्थायी समिति अध्यक्षा श्रीमती सत्या शर्मा जी और निगमायुक्त श्री अश्विनी कुमार जी से मुलाकात कर उद्यमियों की समस्याओं को रखा। इस चर्चा के परिणामस्वरूप MCD ने सैद्धांतिक सहमति दी है कि:
अब फैक्टरी लाइसेंस के लिए अलग से आवेदन और शुल्क की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल पर जमा की गई रसीद (जो फैक्टरी के वार्षिक प्रॉपर्टी टैक्स का 5% होती है) को ही फैक्टरी लाइसेंस की मान्यता दी जाएगी।
इसे लागू करने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं आगामी दिल्ली नगर निगम की सदन बैठक में पूरी की जाएंगी।
यह निर्णय न केवल दिल्ली के हजारों उद्यमियों को प्रशासनिक जटिलताओं और अनावश्यक खर्चों से राहत देगा, बल्कि Ease of Doing Business रैंकिंग में भी दिल्ली को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
इस सफलता से दिल्ली के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) में उत्साह की लहर दौड़ गई है। लगातार आ रहे ऐसे सकारात्मक निर्णय यह दर्शाते हैं कि भाजपा नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार और नगर निगम छोटे उद्यमों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
लघु उद्योग भारती, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री दीवानचंद गुप्ता जी ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रदेश भाजपा नेतृत्व, दिल्ली सरकार और नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष श्री वीरेंद्र नागपाल, उपाध्यक्ष श्री मुकेश अग्रवाल और श्री वरुण मित्तल भी उपस्थित रहे।

