लघु उद्योग भारती जोधपुर प्रांत के नवनिर्मित कौशल विकास केंद्र का हुआ लोकार्पण
कौशल विकास के माध्यम से उद्योगों का विकास संभव है, और उद्योगों की प्रगति से ही राष्ट्र का समग्र विकास होता है। यह विचार लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री प्रकाशचंद जी ने आज नवनिर्मित कौशल विकास केंद्र के भव्य लोकार्पण समारोह में व्यक्त किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, श्री मदन दिलावर, माननीय शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री, ने कहा कि श्रमिकों को शिक्षित करना सबसे बड़ी राष्ट्रसेवा है। कुशल श्रमिकों के कार्य से न केवल उद्योगों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि श्रमिक अधिक लाभ अर्जित कर सकेंगे और उनके बनाए उत्कृष्ट उत्पाद राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊंचे दामों पर बिकेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने कहा कि इस कौशल विकास केंद्र की स्थापना मारवाड़ के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें चुनौतीपूर्ण कार्यों के लिए तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। इससे मारवाड़ का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा।
प्रदेश अध्यक्ष श्री शांतिलाल बालड ने कहा कि कौशल और शिक्षा दोनों ही सफलता के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने उद्योगों से संबंधित नई नीतियों की जानकारी भी दी।
जोधपुर प्रांत अध्यक्ष श्री महावीर चौपड़ा ने अपने स्वागत भाषण में कौशल विकास केंद्र की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नवनिर्मित प्रशिक्षण भवन पूरी तरह से वातानुकूलित है और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां सिलाई, कंप्यूटर (टैली, राज्य सरकार द्वारा अधिकृत आरएससीआईटी), मेहंदी, सौंदर्य प्रसाधन, और सीएनसी लेथ मशीन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भवन निर्माण संयोजक श्री प्रकाश जीरावला ने केंद्र की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर भवन निर्माण में सहयोग देने वाले भामाशाहों का स्मृति चिह्न, शॉल, और श्रीफल से सम्मान किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती और भगवान विश्वकर्मा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। लोकार्पण नारियल फोड़कर किया गया।
अतिथियों का परिचय प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल ने कराया। मंच संचालन श्री मनीष माहेश्वरी ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन जोधपुर प्रांत महामंत्री श्री विनय बंब ने दिया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर लघु उद्योग भारती के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, और स्थानीय उद्योगों से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह केंद्र जोधपुर प्रांत में कौशल विकास के माध्यम से उद्योगों के सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत का प्रतीक है।

