सरहद पर सैनिकों को बांधा रक्षासूत्र – भावनाओं से भरा अनमोल क्षण
बालोतरा — लघु उद्योग भारती महिला इकाई ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बीकेडी पोस्ट पर तैनात वीर सैनिकों को राखी बांधकर एक अद्भुत और भावुक अनुभव साझा किया।
अध्यक्षा बबली पाटौदी ने बताया कि सरहद पर हमारे रक्षकों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधना गौरव और देशभक्ति से भरा क्षण था।
सचिव स्वाति मानधना ने कहा कि वे इस मौके पर सैनिकों के लिए उपहार और मिठाई लेकर गईं, और कई सैनिक ऐसे थे जिनकी कलाई पर वर्षों बाद बहन के हाथों राखी बंधी।
मनीषा गुप्ता ने बताया कि जब दुकानदार भाई कमलेश मूलचंदानी को पता चला कि राखी सैनिक भाइयों के लिए खरीदी जा रही है, तो उन्होंने बिना पैसे लिए राखियां भेंट कर दीं।
इस अवसर पर जब कवयित्री स्वाति मानधना ने अपनी भावपूर्ण कविता “गोली भी खुद रोती है ऐसे नायक को कर विदा” प्रस्तुत की, तो वहां मौजूद हर आंख नम हो उठी। मनीषा गुप्ता ने भी अपने भाव व्यक्त किए।
कार्यक्रम में उषा भंसाली, संतोष सालेचा, ममता श्रीश्रीमाल, नैना सालेचा, सुनीता गुप्ता, सरोज गुजराती और रेखा आजाद सहित सभी ने इसे जीवन का यादगार अनुभव बताया।

