सहारनपुर में यू.पी.एस.आई.डी.सी. (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम) और लघु उद्योग भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में उद्यमियों को औद्योगिक विकास, व्यापारिक अवसरों और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह कार्यक्रम दिल्ली रोड स्थित एक होटल में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मंडल अध्यक्ष अनुपम गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने सभी उद्योगों को स्मार्ट और आधुनिक तकनीक से लैस बनाने पर जोर दिया ताकि उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे सरकारी अभियानों को अपनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान उद्योगों में मोटे अनाज (मिलेट्स) के उपयोग, पर्यावरणीय स्थायित्व और व्यावसायिक संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) और स्टार्टअप के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा, उद्यमियों को निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं और बाजार विस्तार के उपायों के बारे में भी अवगत कराया गया। पीयूष संघल ने यूपीएमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत मिलने वाले लाभों और प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी, जबकि क्षेत्रीय मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार ने औद्योगिक क्षेत्र के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में बताया।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे, जिनमें नवीन गुप्ता, सुभाष चौधरी, संजय वर्मा, विजय गुप्ता और अन्य शामिल थे। कार्यशाला में उद्यमियों के सवालों का समाधान किया गया और उनके सुझावों को भी ध्यानपूर्वक सुना गया। अंत में मंडल अध्यक्ष अनुपम गुप्ता ने सभी उद्यमियों से सहयोग और नवाचार के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्रीय उद्योग न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकें।

