आज लघु उद्योग भारती द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं स्वदेशी विषय पर केंद्रित एक सेमिनार का आयोजन भीलवाड़ा में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना मातृशक्ति के स्वावलंबी होने से ही संभव है, और लघु उद्योग भारती इस दिशा में विशेष भूमिका निभा रहा है। उन्होंने ‘स्वयंसिद्धा’ जैसे आयोजनों की सराहना की, जो महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सहायक बन रहे हैं और उनके आत्मविश्वास को सशक्त करते हैं। डीआरडीओ की वैज्ञानिक डॉ. मीना मिश्रा ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं, बशर्ते वे दृढ़ संकल्पित हों। उन्होंने सेमीकंडक्टर चिप निर्माण जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों को उदाहरण स्वरूप प्रस्तुत करते हुए महिला शक्ति की क्षमताओं पर बल दिया। सांसद श्री दामोदर अग्रवाल ने कहा कि लघु उद्योग भारती आज उद्यमियों और सरकार के मध्य एक मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है और केंद्र सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला स्वावलंबन को सशक्त बनाने हेतु सतत कार्यरत है। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं स्वयंसिद्धा प्रमुख श्रीमती अंजू सिंह ने बताया कि लघु उद्योग भारती के मेले महिला उत्पादों को बाजार से जोड़ने के साथ-साथ लोन और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उद्यमियों तक पहुंचाता है। अध्यक्षा श्रीमती पल्लवी लड्ढा ने बताया कि दो दिवसीय स्वयंसिद्धा मेले में भीलवाड़ा के अलावा जोधपुर, जयपुर, ब्यावर, अलवर, कोटा, राजसमंद व किशनगढ़ से महिला उद्यमियों ने भाग लिया, जिनके हैंडीक्राफ्ट, ज्वेलरी, साड़ी, कुर्ती, होम डेकोर, राखी, गिफ्ट आइटम, चॉकलेट आदि के लगभग 70 स्टॉल प्रदर्शनी में लगाए गए हैं। कन्वीनर श्रीमती नीता बंसल ने बताया कि प्रदर्शनी “वोकल फॉर लोकल” की भावना को समर्पित है। सेमिनार में महिला CAs, डॉक्टर्स एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक अशोक कोठारी, लघु उद्योग भारती के प्रांतीय अध्यक्ष महेश हुरकट, प्रदेश संयुक्त सचिव रविंद्र जाजू, कलेक्टर जसमीत सिंह संधू, धर्मेंद्र सिंह यादव एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र जी भी उपस्थित रहे। संचालन रीना डाड एवं शिखा भदादा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सरिता अग्रवाल, रेखा इनानी, आशा सोमानी, आशा अग्रवाल, शोभा डाड, सुमित्रा हुरकुट, रीटा गोयल, रक्षा जैन सहित कई महिला कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

