लघु उद्योग भारती, जोधपुर प्रांत ने राजस्थान लघु उद्योग निगम लिमिटेड (राजसिको) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर राजसिको आईसीडी, जोधपुर के माध्यम से होने वाले निर्यात को राज्य सरकार की भाड़ा प्रतिपूर्ति (फ्रेट रीइम्बर्समेंट) योजना के दायरे में शामिल करने तथा योजना के सरल एवं प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है। प्रांत महामंत्री सुरेश कुमार विश्नोई ने बताया है कि राजसिको द्वारा मुंद्रा पोर्ट तक नियमित फुल-रेक कंटेनर रेल सेवाओं के संचालन से पश्चिमी राजस्थान के निर्यातकों को विश्वसनीय, समयबद्ध व किफायती लॉजिस्टिक सुविधा मिली है। इससे क्षेत्र के हस्तशिल्प, ग्वारगम, स्टील, इंजीनियरिंग उत्पाद, फर्नीचर
सहित अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में परिवहन एवं लॉजिस्टिक लागत निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सीधे प्रभावित करती है। ऐसे में राजसिको आईसीडी, जोधपुर के माध्यम से निर्यात करने वाले सभी पात्र
निर्यातकों को राज्य सरकार की फ्रेट रीइम्बर्समेंट योजना का लाभ मिलना आवश्यक है। लघु उद्योग भारती ने मांग की है कि राजसिको इस विषय को राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाकर योजना का दायरा विस्तारित करवाए तथा इसके क्रियान्वयन को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।
साथ ही निर्यातकों की सुविधा के लिए एक प्रभावी फैसिलिटेशन मैकेनिज्म स्थापित किया जाए, जिससे योजना की जानकारी, आवेदन, दावा प्रक्रिया और संबंधित विभागों के साथ समन्वय में सहायता मिल सके। संगठन का मानना है कि इस पहल से राजसिको आईसीडी का उपयोग बढ़ेगा, रेल आधारित कटेनर परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा, निर्यातकों की लॉजिस्टिक लागत कम होगी तथा पश्चिमी राजस्थान के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। लघु उद्योग भारती ने इस दिशा में राजसिको एवं राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन देते हुए प्रतिवेदन पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा जताई है।


