लघु उद्योग भारती काशी प्रांत की बैठक कबीरचौरा स्थित कार्यालय में हुई। इसमें उद्यमियों ने उद्योगों के निर्माण में फ्लोर एरिया बढ़ाने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया। क्रय कि उद्योग स्थापित करने के लिए पूर्य नियम और मानक के अनुरूप सेट बैंक के रूप में फैक्ट्री निर्माण में काफी जगह खुली छोड़नी होती थी। इससे उद्योग विस्तार में काफी परेशानी होती थी। प्रदेश सरकार ने अब भवन निर्माण एवं विकास उपविधि 2008 में संशोधन कर फ्लोर एरिया अनुपात को जहां बढ़ाया है यहीं सेट बैंक एरिया को घटाया है। विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद को निर्देश दिए हैं कि उपविधि के संबंधित संशोधन से अपने अपने बोर्ड के माध्यम से तत्काल लागू किया जाए।
इससे अब एमएसएमई उद्योगों के लिए 500 वर्ग मीटर तक के किसी भी क्षेत्र में स्थित भूखंड स्थापित करने पर 20 प्रतिशत भू-आच्छादन अनुमन्य होगा। इससे औद्योगिक भूखंड पर निर्माण एरिया बढ़ाने से एमएसएमई उद्यमियों को लाभ मिलेगा। संगठन अध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि काफी समय से उद्योग स्थापित करने के लिए औद्योगिक प्लाटों में सेट बैंक कम करने व बिल्डिंग निर्माण में फ्लोर एरिया बढ़ाने की मांग की जा रही थी।
औद्योगिक क्षेत्र चांदपुर के लगभग 150 उद्योगों, करखियांव, पिंडरा के लगभग 100 उद्यमियों को इसका लाभ मिलेगा। अब तक 1000 वर्ग मीटर तक के भूखंड में 60 प्रतिशत तक ही निर्माण की अनुमति थी। नए आदेश से 500 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर ४० प्रतिशत तक निर्माण व 501 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक 75 प्रतिशत निर्माण की अनुमति होगी। 10 हजार वर्ग मीटर से बड़े क्षेत्र में 65 प्रतिशत निर्माण तथा 12 हजार से बड़े क्षेत्र में 60 प्रतिशत निर्माण अब अनुमन्य होगा। बैठक में ज्योति शंकर मिश्रा, दिलीप गुप्ता, मनीष चौबे, किशोर वर्मा, सदीप अग्रवाल, रुद्र दीप सेन गुप्ता, लक्ष्मी नारायण राजीव सिंह आदि मौजूद थे।