लघु उद्योग भारती के अथक प्रयासों से गुरुवार को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व अन्य जिलों के उद्यमियों को राहत प्रदान करते हुए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तत मंत्रालय के केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने जिगजैग 16 माह के लिए बढ़ाई है।
अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा व प्रदेशाध्यक्ष शांतिलाल बालड़ ने बताया कि श्रम आधारित उद्योग ईंट भट्टों को केन्द्र सरकार के आदेशानुसार जिगजैग तकनीक में परिवर्तन करना 22 फरवरी 2025 तक अनिवार्य किया गया था, इसे 16 माह आगे बढ़ाया गया है जिससे वहां के ईट भटटों के उद्यमियों को बहुत बड़ी राहत मिली।
अखिल भारतीय संगठनमंत्री प्रकाशचन्द्र व अखिल भारतीय सचिव नरेश पारीक ने केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव व विशिष्ट सचिव तन्मय कुमार से पूर्व में नई दिल्ली में भेंट कर उनसे समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।
प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल व जोधपुर प्रान्त अध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने बताया कि पर्यावरण की दृष्टि से इस तकनीक का कोई दुष्प्रभाव नहीं है परंतु कुशल श्रमिकों के अभाव व उपयुक्त प्रशिक्षण नहीं होने से इसे तय सीमा मे पूर्ण नहीं किया जा सकता है। मंत्री ने मांग स्वीकार करते हुए समय सीमा 16 माह के लिए बढ़ाई है।
प्रान्त संयुक्त महासचिव बिन्दू जैन ने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व अन्य जिलों की इस समस्या के बारे में प्रकाशचन्द्र व घनश्याम ओझा को अवगत करवाकर निराकरण की मांग की जा रही थी।