<p>लखनऊ। लघु उद्योग भारती सूक्ष्म, लघु उद्योगों का एकमात्र अखिल भारतीय संगठन हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठन की 75 इकाईयां कार्यरत हैं। लघु उद्योग भारती लखनऊ इकाई द्वारा सिडबी के सहयोग से उद्यमियों के ज्ञानवर्धन उद्योगों को प्रोत्साहन एवं विस्तार, विकास के उददेश्य से सेमिनार का आयोजन किया गया।</p><p>सेमिनार में सिडबी की विभिन्न योजनाओं जैसे टर्म लोन निर्यात लोन इक्विटी सहायता ऊर्जा संरक्षण सहायताओं आदि की जानकारी को विस्तार से दी गई। ओएनडीसी, ट्रेड्स, सूक्ष्म लघु उद्योगों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट आदि पर भी चर्चा की गई। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक सिडबी लखनऊ के महाप्रबंधक मनीष सिन्हा ने कहा कि सिडबी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के प्रसार, वित्तपोषण और विकास के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान के रूप में कार्य करता है। सिडबी उद्यमशीलता को बढ़ावा देता है और उद्यमियों के विकास और क्षमता निर्माण में सहायता करता है। सिडबी एमएसएमई के सामने आने वाली गैर- वित्तीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए उनके प्रचार और विकास में अपनी भूमिका निभाता है। सिडबी उद्यमिता संस्कृति का प्रसार करता है और युवाओं को नौकरी चाहने वालों से नौकरी निर्माता में बदल देता है। यह उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र प्रचार और विकास के लिए एक छत्र कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री के पंचामृत मिशन के अनुरूप, सिडबी ने एमएसएमई के लिए पंचतत्व मिशन शुरू किया है, जो पांच तत्वों का प्रतीक है। इस दृष्टिकोण का लक्ष्य टिकाऊ और जिम्मेदार व्यवसाय बनाना है जो पर्यावरण और सामाजिक कल्याण में योगदान देता है। लघु उद्योग भारती लखनऊ इकाई के अध्यक्ष अरूण भाटिया ने लखनऊ इकाई के कार्यकलापों पर चर्चा की। उन्होंने कहा वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में केंद्र और प्रदेश सरकार ने एमएसएमई सेक्टर के विकास पर जोर दिया है। सेमिनार को ओएनडीसी के अमर चंद्रा व ट्रेड्स के आशीष आदित्य और सीजीटीएमएसई के एमएसआरके मूर्ति ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर रविन्द्र सिंह, सदस्य अखिल भारतीय कार्यकारिणी, अवध संभाग की अध्यक्ष रीता मित्तल, उपाध्यक्ष केशव माथुर व लखनऊ इकाई के उपाध्यक्ष रितेश श्रीवास्तव महामंत्री सुमित मित्तल कोषाध्यक्ष अनुज साहनी, नीरज गुप्ता व मनोज गुप्ता उपस्थित रहे।</p>