बुधवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' के तहत एमएसएमई कॉन्क्लेव में ब्यावर से लघु उद्योग भारती के 81 सदस्यों ने जिले का प्रतिनिधित्व किया। इकाई अध्यक्ष सचिन नाहर ने बताया कि ब्यावर से 2 बसों एवं कुछ निजी वाहनों के साथ यह प्रतिनिधि मण्डल जयपुर पहुंचा था। सचिव विजय मेहता ने बताया कि कॉन्क्लेव में मारवाड़ी उद्यमिता की भी काफी सराहना की गई।
कॉन्क्लेव में औद्योगिक विकास हेतु अनुकूल माहौल बनाने एवं नई नीतियों की जानकारी साझा की गई। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने राजस्थान के मिनरल्स की प्रोसेसिंग के महत्व पर जोर दिया और कच्चा माल राज्य से बाहर न भेजने की नीति बनाने की मांग की। कार्यक्रम में सरकार द्वारा 10 नवीन नीतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही 35 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र का लोकार्पण भी किया गया। इस सात मंजिला कौशल केंद्र में 500 छात्रों को मुफ्त प्रशिक्षण और 170 छात्रों के रहने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि कुल निर्माण 1 लाख 25 हजार स्क्वायर फीट में किया गया है। कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्र का संचालन नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉपॅर्पोरेशन और आईआईएम मुंबई के साथ हुए एमओयू के तहत हो हुआ है। उद्घाटन के साथ ही यहां चार कोर्स शुरू भी हो चुके हैं।
कार्यक्रम में जिला पालक अधिकारी प्रकाश अम्बुरे, जिला अधिकारी दीपक झंवर, अजय खण्डेलवाल, आशीष झंवर, अनिकेत अम्बुरे, विशाल काबरा, हेमंत रांका, हर्षित भंसाली, दिलीप गोयल, चन्दन बंसल, आनंद वशिष्ठ शशांक बंसल आदि ने शिरकत की। महिला इकाई सचिव उर्वशी भारद्वाज, रश्मि खंडेलवाल, छाया अम्बुरे, नलिनी गोयल, सुनीता जैन भी जयपुर मौजूद थी। सभी ने कॉन्क्लेव को प्रेरणादायक बताया।