दिल्ली के आगामी बजट 2026-27 के संदर्भ में मुख्यमंत्री रेखा गुमा और उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संपाद किया है। दिल्ली सचिवलप में आयोजित मीटिंग में दिल्ली के तमाम इंडस्ट्रियल एरिया के महत्वपूर्ण औद्योगिक असोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि उद्यमियों को कई सरकारी एजेंसियों से छुटकारा दिलाया जाए। सभी चाहते हैं कि दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) के अधीन इंडस्ट्रियल एरिया आ जाए।
लघु उद्योग भारती दिल्ली के उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने बताया कि मीटिंग में दिल्ली में दिल्ली में उत्पन्न सभी प्रकार के कचो की सपूर्ण रिसाइक्लिंग सुनिश्वित करने के लिए रिसाइक्लिंग उद्योग को प्राथमिकता वाले उद्योग कर दर्जा देकर इसके संरक्षण और संवर्धन में आ रही तमाम तरह की बाधाओं को दूर कर रीसाइक्लिंग के लिए, एक सुदृद्ध व्यवस्था बनाई जाए, और वर्तमान में चल रहे उद्योगों को तकनीकी रूप से सुदृद्ध करके हाई टेक इंडस्ट्री के रूप में विकसित करने के लिए, संगठित प्रयास किया जाए। दिल्ली की औद्योगिक संस्थाओं के 30 से 35 प्रतिनिधियों – ने इस संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उद्योग सचिव और दिलती राज्य श्रीद्योगिक एवं अपसंरचना विकास निगम (DSIIDC) के अधिकारी भी मौजूद रहे।
मीटिंग में इंडस्ट्रियत्त क्षेत्रों को खरात्र सड़कों, अतिक्रमण और भ्रष्टाचार विषय को भी उठाया गया। उद्यमियों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में एग्जीविशन हॉल, स्किल डिवलेपमेंट सेंटर, टेस्टिंग लैब हो। सरकस से आग्रह किया कि रिहायशी क्षेत्रों की तर्ज पर इंडस्ट्रियल एरिया में भी रूफ टॉप सोलर पैनल सहूलियत दी जाए। इससे छोटी इंडस्ट्री आत्मनिर्भर हो सकेगी। उद्योग पीन एनजी की ओर जाएंगे। उद्यमी मंत्री ने कहा कि उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुधार के लिए बजट में 2500 करोड़ रुपये के आवंटन की मांग की है। मीटिंग में अनिल गुम्मा, जय कुमार बंसल, राजन शर्मा, एमके तलकर, दौखनचंद गुमा, रवि सूद और एसके टंडन आदि थे।
बजट में शामिल होंगे उद्यमियों के सुझाव
पिछले एक वर्ष में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए काई कदम उठाए गए है। MCD लाइसेंस प्रक्रिया को सरल और सिंगल विडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। ऑनलाइन, पारदर्शी अपूवल सिस्टम लागू किया गया है। कोलेटरल-फ्री लोन की व्यवस्था और व्यापारी वाल्याण वोर्ड जैसे प्रयासों से उद्योग जगत में भरोसा और मजबूत हुआ है। प्रतिनिधियों के सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना गया। इन्हें बजट में शामिल कर दिल्ली को और ज्यादा उद्योग अनुकुल, इनवेस्टमेट मोडली बनाया जाएगा। रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
वर्ल्ड क्लास राजधानी मे उद्योगों की भूमिका अहम
फैक्ट्री मालिकों ने उद्योगों के विकास, झमास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए सुझाव साइन किए। भर्जिन और वल्र्ड क्लास राजधानी में उद्योगों की अहम भूमिका है। सरकार का संकल्प है कि लघु उद्योगों को सशक्त करें। औद्योगिक क्षेत्री का रीडिवेलपमेंट करें। पॉलिसी में सुधार हो। इंडस्ट्रियल सेक्टर में टेक्नॉलजी अपग्रेडेशन और बीन इंडस्ट्री को बढ़ावाना देना है। उद्योग मजबूत होंगे, तो रोजगार के नए अवसर पैदा होगे। मनजिंदर सिरसा, उद्योग मंत्री