<p>कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसकी पटरियों पर ट्रेनें आगे-पीछे दौड़ती नजर आएंगी।</p><p>जम्मू और कश्मीर के इतिहास में पहली बार, जम्मू क्षेत्र से सुरम्य कश्मीर घाटी तक ट्रेनें चलेंगी। पर्यटक, यात्री व पूरे भारत के लोग बिना किसी परेशानी के ट्रेन यात्र का अनुभव उठा सकते हैं। बीती 5 दिसंबर को, उत्तर रेलवे ने जम्मू के रामबन जिले में बनिहाल से खारी रेलवे स्टेशन तक एक इलेक्ट्रिक ट्रेन का सफल परीक्षण किया। इस सीधी ट्रेन सेवा से श्रीनगर और जम्मू के बीच यात्रा का समय छह घंटे से घटाकर केवल 3 से 4 घंटे हो जाएगा, जिससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। 2002-03 में 'राष्ट्रीय परियोजना' का ऐलान किया गया था। इस योजना को चरणों में शुरु किया गया था। प्रोजेक्ट पर काम कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी, ने बताया कि 111 किमी लंबे कटरा-बनिहाल खंड पर भौगोलिक चुनौतियां हैं, जबकि शेष खंड लगभग पूरे हो चुके हैं। वहीं उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने पुष्टि की कि जम्मू और कश्मीर के बीच ट्रेन सेवाएं जल्द ही शुरू होंगी। उत्तर रेलवे के अनुसार, 2008 के बाद SBRL के तहत प्रत्येक सुरंग का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) का उपयोग करके किया गया है।</p><p>उत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, कि यूएसबीआरएल भारतीय उपमहाद्वीप में शुरू की गई सबसे कठिन नई रेलवे लाइन परियोजना है, जिसके कारण योजना और निर्माण के लिए दुनिया की सबसे उन्नत और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया था। उदाहरण के लिए, यूएसबीआरएल में लगभग 186 किमी सुरंग निर्माण कार्य (38 मुख्य सुरंग और 8 एस्केप सुरंग) का निर्माण शामिल है।</p><p> </p>