अगर आइडिया है, खुद में हुनर है और बिजनेस करने का जज्बा है तो सफल होने से कोई रोक नहीं सकता। शहर की इन महिलाओं ने खुद को हुनर को पहचाना और बिजनेस की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। विभित्र संस्थाओं से ट्रेनिंग लेकर बिजनेस और इंडस्ट्री में वर्किंग के तौर-तरीके सीखकर अपनी छोटी इंडस्ट्री खड़ी की। लघु उद्योग भारती महिला इकाई की प्रांतीय सचिव मीनु दुग्गड ने बताया कि इन्होंने बिजनेस आगे बढ़ाने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल भी सीख और अब लाखों रुपए का टर्नओवर पहुंच चुकी हैं। अब वे अन्य महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। मिलते हैं ऐसी हो कुछ युवा महिला एंटोन्योर्स से:
इंडो वेस्टर्न को ट्रेडिशनल एंब्रॉइडरी से सजाया
पहले में खुद एक एनजीओ में रहकर काम सीखती थी और हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्रीज में जाकर वहां का कामकाज देखा करती। यह कहना है संगीता आईदासानी का जिन्होंने सिंध की एंब्रॉइडरी को बेस बनाकर ड्रेसेज तैयार की। उन्होंने एंब्रॉइडरी को ना सिर्फ भारत बल्कि वेस्टर्न आउटफिट पर एप्लाई कर इंडो-वेस्टर्न कॉस्टयूम, कटेंन, पेंट, कुर्तियां, टी शर्ट तैयार किए। इन्हें फर्नीचर, बैडशीट, टॉपर के अलावा सोफा पर भी पसंद किया जा रहा है। वेस्टर्न स्टाइल की कॉस्ट्यूम व चन पीस पर एंब्रॉइडरी फ्रांस व कनाडा में डिमांड बनी। पंद्रह हजार से अधिक प्रोडक्ट पर एंब्रॉइडरी कर एक्सपोर्ट कर चुकी हैं और अपनी छोटी इंडस्ट्री से लाखों का टर्नओवर किया है।
जूलरी पर सांगरिया प्रिंट हिट हुआ
कुंदन और लाख की जूलरी बना रहीं स्वाति माधुर ने बताया, पहले मैने कुंदन का एक सेट बनाया जिसे दुबई में खूब पसंद किया गया। इंटरनेट से बहुत कुछ सीखा और इसका काम शुरू कर दिया। दो महिलाओं को अपने साथ जोड़कर जुल्लसो डिजाइनिंग करने लगी। आज 8 महिलाओं की टीम है। स्टीन की जूलरी पर सांगरिया प्रिंट और एनिमल व पेरेट के पैटर्न विश्व भर में फेमस हुए। आटीफिशियल जूलरी की डेनमार्क और सऊदी अरब में डिमांड है। यूरोप में लाख की जूलरी पर कस्टमाइज्ड डिजाइन पसंद किए जाते हैं। बाइडल सेट की डिमांड कई देशों में है। ट्रेडिंग व ऑर्डर का काम खुद ही कर रही हैं। स्वाति की टीम करीब पांच हजार जूलरी पेटनं बना चुकी हैं।
हैंडीक्राफ्ट को दे रही नई दिशा
निधि सिंह ने बताया, मुझे क्राफ्ट के आइटम बनाने का शक था। मैं परिवार बालों के लिए बनाती भी थी मगर खुद को तराशने के लिए लघु उद्योग भारती में लर्निंग ली। निधि ने बताया कि जब में इंडस्ट्रीज में जाकर वहां वर्किंग देखती तो आश्चर्य होता। अब छोटो इंडस्ट्री बनाकर 6 महिलाओं को टीम में काम शुरू किया। जूट में बने कान्हा के झूले, डिजाइनर फोटो फ्रेम, लेपन आटे को घड़ियां, लेपन आर्ट को कुर्सिया, स्टूल, कैनवास पेंटिंग, बुडन के गणेशजी पर कलेवर विद पेपर मैशों की वर्किंग कर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व दुबई में एकारपोर्ट कर रही हैं। को-चैन और पेपर होल्डर से शुरुआत को भी, अब आठ हजार से अधिक प्रोडक्ट बना रही है।