लघु उद्योग दिवस पर जिले की उन महिलाओं के लिए यह खबर काम की है, जो घरों पर अचार- मुरब्बा, पापड़-मंगोड़ी, मसाले सहित अन्य खाने-पीने की चीजें, सजावटी सामान, सिलाई-कढ़ाई, मेहंदी या अन्य कोई भी घरेलू उद्योग करती हैं।
लघु उद्योग भारती सितंबर माह में महिला विंग का गठन करने जा रहा है। महिला विंग बनने के बाद लघु उद्योग संघ से जुड़े बड़े कारोबारी घरेलू उद्योग करने वाली महिलाओं की हर स्तर पर मदद करेंगे, चाहे बैंकों से लोन सेक्शन करवाना हो या फिर उनके प्रोडक्ट्स को देश-विदेश के मल्टी स्टोर्स में पहुंचाना हो । महिला विंग अजमेर में ही नहीं बल्कि देशभर के विभिन्न जिलों में गठित होगी। मालूम हो कि देश की जीडीपी में एमएसएमई का 90 प्रतिशत एमएसएमई का योगदान है। महिलाओं द्वारा किया जा रहा घरेलू उद्योग भी इसी का हिस्सा है। लघु उद्योग भारती देश का सबसे एमएसमई संघ है, देश में इसकी 900 इकाईया संचलित है।