लघु उद्योग भारती जोधपुर प्रांत की ओर से रामलीला मैदान में शनिवार को कॉन्फ्रेंस हॉल में 'प्रत्यक्ष कर' पर संगोष्ठी आयोजित हुई। केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि एमएसएमई उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था की बैकबोन है। इसे मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 सालों में लगातार प्रयास किए हैं। आज भारत पूरे विश्व की सबसे तेजी से ग्रोइंग इकोनॉमी कंट्री है और जिस तेजी से हमारी अर्थव्यवस्था ने ग्रोथ की है, उसको देखकर अब देशवासियों को भी ऐसा विश्वास होने लगा कि जो सपना हमने देखा है वह जल्द ही साकार होगा।
शेखावत ने कहा कि 2047 में भारत, विकसित राष्ट्र बनेगा। तब हमारी अर्थव्यवस्था छह गुना अधिक होगी। उन्होंने कहा कि आज एआई का प्रभाव सब जगह देखा जा रहा है। उद्यमियों को भी इसके लिए तैयार रहना होगा। जो समय के साथ नहीं चलते या परिवर्तित नहीं होते हैं, वह पीछे रह जाते हैं। शेखावत ने कहा कि राजस्थान में पर्यटन उद्योग की असीम संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने जो 9 नई पॉलिसी बनाई है उसका भी असर देखने को मिलेगा।
राइजिंग राजस्थान : 35 लाख करोड़ के एमओयू किए
शेखावत ने कहा कि राइजिंग राजस्थान में राजस्थान ने सभी प्रदेशों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 35 लाख करोड़ के एमओयू किए। यह धरातल पर उतरे, इसके लिए मुख्यमंत्री स्तर पर मॉनिटर की जा रही है। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रांत अध्यक्ष महावीर चौपड़ा भी मौजूद थे। मुख्य वक्ता कपिल गोयल सॉफ्टवेयर के कारण हो रही तकनीकी परेशानी, टेम्प्लेट आर्डर, धारा 148, धारा 115BBE, सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किए गए महत्वपूर्ण डिसिजन आदि पर चर्चा की। आईटीएटी अकाउंटेंट मेंबर इनकम टैक्स भागीरथ बियानी ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कानून और टेक्नोलॉजी के सामंजस्य पर जोर दिया। संगोष्ठी में जोधपुर टैक्स बार एसोसिएशन, आईसीएसआई, आईसीडब्ल्यूएआई, आईसीएआई ने भाग लिया।
मैं भी अहिल्या… प्रतियोगिता में अंबिका प्रथम
जोधपुर | रामलीला मैदान में लघु उद्योग भारती, जिला प्रशासन एवं जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2025 के तहत शनिवार को "मैं भी अहिल्या' प्रतियोगिता आयोजित की गई। नन्ही छात्राओं ने माता अहिल्या का स्वांग रचकर माता अहिल्या से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को सुनाया। उत्सव सह संयोजक मीनू दुगड़ ने बताया कि कार्यक्रम में डॉ. शालिनी गोयल मुख्य अतिथि थीं। लघु उद्योग भारती के जोधपुर प्रांत अध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने अध्यक्षता की। लघु उद्योग भारती महिला इकाई अध्यक्ष मोना हरवानी ने बताया कि वरिष्ठ रंगकर्मी स्वाति व्यास, आशीष देव चारण, धनपूर्णा गहलोत ने निर्णायक की भूमिका निभाई। बिंदु जैन, इंदुबाला अग्रवाल, कंचन लोहिया, शिल्पा अग्रवाल, इंदु चौपड़ा, नलिनी बंसल, मनीषा शर्मा, निधि सिंह, रीनू जैन, मनीषा सारस्वत, स्वाति माथुर, मीनाक्षी आदि मौजूद थीं।
विजेताओं और वीरांगनाओं का किया सम्मान : मैं भी अहिल्या प्रतियोगिता की को-ऑर्डिनेटर प्रीति
गोयल और स्नेहा मेहता ने बताया कि प्रतियोगिता में अंबिका सोनी प्रथम रहीं। वेदश्री मित्तल दूसरे स्थान पर रहीं। आराध्या परिहार तीसरे स्थान पर और देवूप्रिया मंडल ने चौथा स्थान हासिल किया। रित्विका विश्नोई व ध्याना सोनी को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लघु उद्योग भारती एवं अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जोधपुर प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में वीर नारी और वीरांगनाओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मेजर जनरल नरपत सिंह राजपुरोहित ने बताया कि दुपट्टा ओढ़ाकर, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।