<p>जयपुर | जल व वायु प्रदूषण को लेकर पर्यावरण संबंधी एनओसी नहीं लेने वाले उद्योगों को राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पेनल्टी से राहत दे दी है। बोर्ड के नए आदेश के अनुसार औद्योगिक इकाइयां अब सामान्य शुल्क जमा करा कर पर्यावरण क्लियरेंस की एनओसी ले सकेंगी। इससे प्रदेश की लगभग एक हजार इकाइयों को राहत मिली है। बता दें, 17 नवंबर, 2023 को बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों को 4 दिसंबर, 2023 तक एनओसी लेने के आदेश जारी किए। इसके बाद 22 नवंबर को जयपुर की 89 इकाइयों बिजली काटने के आदेश जारी करने के साथ प्रदेश की करीब एक हजार इकाइयों को 2 से 5 लाख रुपए की पेनल्टी भरने के नोटिस जारी कर दिए गए थे। इन इकाइयों में वेयरहाउस भी शामिल थे, जिनसे प्रदूषण नहीं होता। औद्योगिक संगठनों ने इन नोटिस का विरोध करने के साथ बोर्ड के अध्यक्ष शिखर अग्रवाल से मुलाकात कर एनओसी के लिए अतिरिक्त समय और पेनल्टी से राहत की मांग की थी। इसके मद्देनजर बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई तो नहीं की, लेकिन पेनल्टी को बरकरार रखा। अब प्रदेश में, नई सरकार बनने के बाद बोर्ड ने औद्योगिक इकाइयों को एनओसी के लिए पेनल्टी से राहत दे दी। उधर, फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल समेत विभिन्न उद्योग संगठनों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया है।</p><p>वीकेआई एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जगदीश सोमानी ने पेनल्टी से राहत के लिए सीएम भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, वन पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के नए आदेश से प्रदेश के उद्योगों में सकारात्मक संदेश जाएगा। राज्य में निवेश के लिए बेहतर माहौल बनेगा। पिछली सरकार ने विरोध को देखते हुए कार्रवाई तो रोक दी, लेकिन आदेश वापस नहीं लिए थे।</p><p> </p><p> </p>