<p>बैठक में आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता से जैविक खेती में उपज दुगना करने पर चर्चा</p><p>काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान में मशीनरी मैन्युफैक्वरिंग असोसिएशन की ओर से आयोजित बैठक में किसान, कृषि यंत्र निर्माता एवं कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता से जैविक खेती में उपज दुगना करने पर चर्चा की। लघु उद्योग भारती काशी प्रांत के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक के लिए सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग संस्थान में भी खुलना चाहिए। इससे पूर्वांचल के उद्योगों में आधुनिक कृषि यंत्रों का निर्माण होगा। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वी के चंदोला ने कृषि विज्ञान संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों को विस्तार से बताया। संस्थान के कृषि अभियांत्रिक विभाग के प्रोफेसर अनुपम कुमार नीमा ने बताया कि उचित भंडारण की सुविधा नहीं होने के कारण किसानों को उसकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलता है। छोटे किसानों के लिए उपकरणों का निर्माण किया जाना चाहिए। डॉक्टर एस.पी. सिंह ने बताया कि कितना भी आधुकिकारण किया जाय परंतु उन्नत खेती बिना किसान और पशु के नही हो सकती है। कृषि उत्पादन को लक्ष्य बनाकर उत्पादन दुगना किया जा सकता है। विदेशी कृषि यंत्रों को अपग्रेड कर देश में निर्माण होना चाहिए। अम्मा इंडिया के तकनीकी सलाहकार डॉक्टर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अम्मा इंडिया के प्रयासों से कृषि यंत्रों की गुणवत्ता कायम रखने के लिए पूरे देश में ४२ संस्थान कार्य कर रहे हैं। भारत सरकार एवं प्रदेश सरकारों द्वारा सब्सिडी भी दी जा रही है। संघठन के कोषाध्यक्ष नीरज पारिख ने कहा कि छोटे किसानों के पैदावार को सुरक्षित रखने के लिए खेत पर ही पैकेजिंग तकनीक पर कार्य हो रहा है। जिससे पैदावार को तुरंत सस्ते में बेचने से बचा जा सके। इससे आय में भी वृद्धि होगी। दाती गांव ब्लॉक पहाड़ी मिर्जापुर की उर्मिला पाल, जोखू पाल, मधु सरोज, बदामा ने खेती में आ रही समस्याओं से सभी को अवगत करवाया। पुनीत अग्रवाल, सुल्तानपुर, दिनेश गुप्ता, हर्षित सिंह, अभिनव वाही, नयन गुप्त, ज्ञानेश्वर, प्रवीण कुमार सहित कई उद्यमियों ने चर्चा में भाग लिया।</p>