भास्कर न्यूज | नावांसिटी
शहर में एक फार्म हाउस पर मंगलवार को लघु उद्योग भारती की नावां इकाई ने सामूहिक रूप से भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाई। नावां इकाई के अध्यक्ष राजेश गोयल, सचिव दीपक अग्रवाल, संरक्षक नवरंगलाल अग्रवाल, उद्योगपति चंद्रशेखर साबू ने भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया। इसके पश्चात नावां इकाई ने बैठक शुरू की। अध्यक्ष राजेश गोयल ने बताया कि हमारे उद्योगों को चलाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी श्रमिक होते है। उद्योगों में उत्पाद की गुणक्ता, उत्पाद की लागत व तीव्र उत्पादन में श्रमिकों की विशेष भूमिका रहती है। हमारी पूंजी, हमारी उद्यमिता व श्रमिकों का श्रम मिलकर ही हमारे उद्योग सुचारू रूप से चलते है। इसके पश्चात केन्द्र स्तर की बैठकों में हमारे श्रमिकों की सराहना और सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसके पश्चात सभी सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्र से सम्बन्धित उद्योगों की समस्याओं के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन समस्याओं के समाधान पर सभी सदस्यों ने आपस में चर्चा की।
बैठक में नमक उद्यमी राजकुमार पुरोहित, किशन चौधरी, गुदडमल लढा, निर्मल माटोलिया, इंदर किलका, बसंत अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, गोपाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक 5 में चन्द्रशेखर साबू ने चक्की पाट उद्योग से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने करप की नावां की पहचान नमक से पहले चक्की पाट से है। इस उद्योग को बढ़ावा देना भी आवश्यक है।
नवरंग लाल अग्रवाल ने नमक उत्पादन में कई वर्षों से चल रही समस्याओं से अवगत करवाया। उन्होंने कहा की नावां नमक इकाइयों में बोरवेल करवाना चोरी माना जाता है। प्रशासन की और से नमक उत्पादन इकाइयों की जमीनों का कन्वर्जन नहीं किया जा रहा है। हमें इन समस्याओं के समाधान का भी प्रयास करना चाहिए। बैठक में अंत में अध्यक्ष राजेश गोयल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए सभी को आपसी सहयोग के साथ कार्य करने की बात कही।