बजट 2024 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए प्रस्तावित तीन महत्वपूर्ण घोषित योजनाओं के बारे में बताते हुए लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष अनुपम गुप्ता ने कहा कि यह एम.एस.एम.ई. के लिए अधिकतम 100 करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी योजना का प्रस्ताव किया गया है, जिसका उद्देश्य मशीनरी और उपकरण खरीदने के लिए, ऐसे उद्योग जो ऋण सहायता से अपना उद्योग जारी रख सके व एनपीए श्रेणी में आने से बचाने में मदद करना है. इसके लिए एक अलग से गारंटी कोष विभाग गठित किया जाएगा। अनुपम गुप्ता ने बताया कि यह वर्तमान में सिडबी की ब्रांच सभी औधोगिक नगरों में नहीं है, बजट में इस ओर ध्यान देकर सिडबी की पहुंच बढ़ाने व सभी तरह के उद्योग इससे लाभान्वित हो सके, उसके के लिए 24 ब्रांच इसी साल खोलने व अगले 3 साल में और विस्तार करते हुए ब्रांच खोलने का बजट लाया गया है। जोकि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के हित में लाभप्रद सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए मुद्रा लोन की रकम 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है। वास्तविकता में बैंकों द्वारा बिना जमानत के लोन नहीं दिया जाता और वास्तविक पात्र को इस योजना का लाभ नहीं मिल पता।
बजट पटल पर आने पर मंदी व प्राकृतिक आपदाओं से जूझने वाले उद्योगों के लिए यह वरदान साबित होगा। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक सिडबी जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की वृद्धि एवं विकास के लक्ष्य से भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है।
लघु उद्योग भारती के मंडल अध्यक्ष अनुपम गुप्ता ने कहा कि इंफास्ट्रक्वर पर सरकार लगातार जोर दे रही है। जो इंडस्ट्रीज के लिए काफ की महत्वपूर्ण होगा।
इसके अलावा वैकल्पिक ऊर्जा के लिए सोलर को बढ़ावा देना, आने वाले समय में विद्युत की कमी को पूरा करेगा। कुल मिलाकर बजट बहुत ही आशावादी, देश को आगे लेकर जाने वाला, उद्यमी उद्योगों एवं जनता के पक्ष में है। लघु उद्योग भारती इसका स्वागत करती है।