लघु उद्योग भारती एक शिष्टमंडल अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा के नेतृत्व में आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल से मिला। लघु उद्योग भारती उद्योगों के हितार्थ उद्योगों में तकनीकी उन्नयन करने के लिए, उद्योगों में निमित्त माल की लागत कम करने के लिए, उद्योगों में उच्च गुणवत्ता का माल बनाने के लिए देश के उच्च कोटि की तकनीकी संस्थानों के साथ में मेमोरेण्डम ऑफ अंडरटेडिंग कर रही हैं। इस कड़ी में लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी जोधपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल से मिलकर आईआईटी व लघु उद्योग भारती राजस्थान में स्थित उद्योगों के उन्नयन के लिए कैसे कार्य कर सकती है। इस पर चर्चा की। राजस्थान मे मिनरल्स प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इन मार्बल, ग्रेनाइट, सैंड स्टोन से निकलने वाली स्लरी का उचित उपयोग नहीं होना पर्यावरण प्रदूषित करने का बड़ा कारण है।
अगर इस स्लरी का उपयोग निर्माण गतिविधियों में किया जाए तो उद्योगों को फायदे के साथ-साथ पर्यावरण शुद्धि में भी हमारा बड़ा योगदान रहेगा। इसी प्रकार जोधपुर शहर में टेक्सटाइल व स्टील उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी से उसमे उपलब्ध कुछ जरूरी रिकवरी कैसे की जाएं, इस पर भी चर्चा की। उद्योगों में श्रमिकों की उपलब्धता बहुत बड़ी चुनौती है, हम किस प्रकार अधिक से अधिक तकनीकी साधनों का उपयोग कर ऑटोमेशन करने के लिए भी चर्चा की। निश्चित रूप से लघु उद्योग भारती और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का मिलकर काम करना उद्योग जगत, हम सबके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। इस बैठक में लघु उद्योग भारती के जोधपुर प्रांत अध्यक्ष महावीर चौपड़ा, प्रांत उपाध्यक्ष दीपक माथुर, प्रांत संयुक्त महामंत्री सुरेशकुमार विश्नोई, कार्यकारिणी सदस्य मनीष माहेश्वरी एवं आईआईटी जोधपुर से एमएल वढ़ेरा इत्यादि उपस्थित थे।