गौ माता दैवीय, प्राकृतिक उपकार का सांसारिक अवतार, उनकी पूजा में सभी देवी-देवताओं का आशीवांद निहित है। गाय के शरीर में विभिन्न देवता निवास करते हैं, जो इसे एक तरह का जीवित मंदिर बनाता है। उक्त बातें अखिल भारतीय मठ, मंदिर एवं गौ कथा प्रमुख चन्द्रकांत ने लघु उद्योग भारती जालंधर की मासिक बैठक में कहीं।
उन्होंने कहा कि 'गौ माता' भारतीय हिंदू संस्कृति में एक गहरा महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है, गाय को एक देवी के रूप में पवित्र और पोषण का प्रतीक माना गया है। इसका आध्यात्मिक, पारिस्थितिक, आर्थिक और औषधीय आयामों में भी विशेष महत्व है।
वहीं लघु उद्योग भारती जालंधर के अध्यक्ष विवेक राठौर के सानिध्य में वरुण भल्ला, मनोहर धवन, अमीर सिंह, अनुज कपूर, ललित भला, सिद्धान्त शारद अग्रवाल व अन्य गण्यमान्य ने एल.यू.बी. मास कम्युनिकेशन बोर्ड उत्तर पश्चिम के प्रभारी विक्रांत शर्मा, गौ सेवा प्रकोष्ठ, पंजाब के सह संयोजक संजीव शर्मा का पुष्पित अभिनन्दन कियां।
चन्द्रकान्त ने गाय के सर्वर्धन के लिए गांव भटोली, तहसील तलवाड़ा, जिला होशियारपुर में निर्माणाधीन माधव गौ अनुसंधान केंद्र की चर्चा करते हुए बताया इसमें गौ नस्ल सुधार प्रयोगशाला, पंचगव्य चिकित्सालय, गौ आधारित कृषि प्रयोगशाला, गौ ऊर्जा, पंचगव्य उत्पाद निर्माण सहित कई आयाम शुरू किए जा रहे है।
समारोह संयोजन में भरत मल्होत्रा, आशीष शर्मा, पीयूष सेठ, अजय वर्मा, अमित, सुमित दुग्गल, धीरज कपूर गुरविंदर सिंह, धीरज पाठक, पीयूष जैन, संजय जैन, दीपक जैन, सुनील अग्रवाल, गौरव लूथर, अमन कपूर, श्याम गोस्वामी, राजीव ठाकुर, हंसराज शर्मा, संजीव गुप्ता, रमणीक गोयल, रोशन लाल गुप्ता, राजेश कालिया, संजू शर्मा, संजीव गुलाटी आदि मौजूद थे।