लघु उद्योग भारती गोंडा इकाई ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में जीएसटी 2.0 सुधारों का स्वागत किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी के मार्गदर्शन की सराहना की है। लघु उद्योग भारती का मानना है कि यह सुधार व्यापार सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए फायदेमंद होगा। इससे कार्यशील पूंजी की आवश्यकता में कमी आएगी, कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी और व्यापक बाजार तक पहुंच होगी।
संगठन ने इस सुधार के सफल क्रियान्वयन ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट और प्रशिक्षण के लिए भी कर रहा है, जिससे उद्यमियों और समाज को सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत औद्योगिक विकास की दिशा में प्रेरित किया जा सके। अवध प्रांत अध्यक्ष श्री राम प्रकाश गुप्ता जी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार ने लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत बनाने का काम किया है। अवध प्रांत महामंत्री अरुण भाटिया जी ने सदस्यों के समक्ष समाज एवं उद्योग जगत में जागरूकता भरने के लिए इंडस्ट्रियल सेफ़्टी तथा ग्राउंड वाटर डिस्चार्ज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सेमिनार आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
लघु उद्योग भारती गोंडा इकाई के महामंत्री श्री शिव कुमार सोनी ने कहा कि इन सेमिनारों के माध्यम से उद्यमियों एवं समाज को सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत औद्योगिक विकास की दिशा में प्रेरित किया जाएगा।
लघु उद्योग भारती गोंडा इकाई अध्यक्ष श्री अनिल जिज्ञासु ने इन सुधारों को राष्ट्र-निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ और आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक साहसिक कदम बताया।
बैठक में सुधीर गर्ग, केशव माथुर, अमन साहनी, संजीव गोयल, विक्रम जी, सर्वज्ञ सिंह, विकास जैन, दीपक जी, भूपेंद्र प्रकास आर्य, मनीष कुमार, आनंद सिंह, प्रेम कृष्ण, योगेन्द्र कुमार, श्याम बाबु, डाक्टर गौरी मलिक, डॉक्टर उषा, डॉक्टर पीयूष रंजन, डॉक्टर विजय मालिक उपस्थित थे। रमेश सोनी जी को नई इकाई कुटीर उद्योग के स्थापनार्थ सेमिनार करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।