<p>नगर के लिए हरित पर्यावरण की दशा में एक धरोहर के रूप में स्थापित हुई लघु उद्योग वाटिका का लोकार्पण ब्यावर जिले के माननीय कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, रिको के वरिष्ठ महाप्रबंधक आदित्य शर्मा, हमारी संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा एवं प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड़ के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ। माँ भारती और भगवान श्री विश्वकर्मा के चित्र पर माल्यार्पण के बाद महिला शाखा द्वारा 'वसुधा का कल्याण ना भूलें' गीत प्रस्तुति से कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। कार्यक्रम संयोजक दीपक झंवर ने चलचित्र के माध्यम से 2000 वर्ग मीटर में फैली इस वाटिका में विकसित किए गए जापानी मियावाकी पद्धति द्वारा 1100 पौधों का सघन वन, फलदार एवं छायादार पेड़, सुंदर फुलवारी, वॉक वे, सुदृढ़ ब्लॉक्स के साथ ड्रिप सिंचाई सिस्टम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस बहुमूल्य एवं उपयोगी जानकारी से उपस्थित आगंतुकगण अत्यंत लाभान्वित हुए। भीलवाडा में पर्यावरण की क्रान्ति लाने वाले अपना संस्थान के सचिव विनोद मेलाना ने इस सघन वन की 1000 वर्ष से अधिक की उपयोगिता है और ब्यावर में लगा ये सघन वन अब तक राजस्थान में लगे वनों से सबसे अच्छा और उन्नत किस्म का है, जिसका सभी ने करतल ध्वनि से स्वागत किया। शाखा अध्यक्ष सचिन जी नाहर ने जिले के माननीय कलेक्टर को संबोधित करते हुए रिको क्षेत्र में कामदार हित में एक चिकित्सालय, एक स्किल डेवलपमेंट सेंटर और एक डम्पिंग यार्ड की मांग की। और उनके इस आग्रह को माननीय कलेक्टर ने अपने उद्बोधन में सहर्ष स्वीकार कर त्वरित रूप से आवेदन करने का सुझाव दे दिया, जिससे आचार संहिता लगने से पूर्व ही वो इसके लिए भूखंड की स्वीकृति शीघ्र दे सकें। साथ ही इस वाटिका को विकसित करने के लिए उन्होने शाखा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम में पूर्व विधायक माणक डाणी, राजस्थान प्रदूषण बोर्ड से दीपक तंवर, रिको से राहुल बेनीवाल, अविनाश शर्मा, प्रकाश अंबुरे, अजय खंडेलवाल, अशोक खंडेलवाल, बनवारीलाल पारीक, डॉ नरेंद्र पारख, सुनील इनाणी, अमरचंद मूँदड़ा, गगन भारद्वाज, जय आनन्दानी रमेश भराड़िया, आशीष झवर, रवि मूंदड़ा, गौरव मूंदड़ा, विशाल काबरा, रवि झवर, अभिजीत अंबुरे, अनिकेत अंबूरे, प्रशांत पाबुवाल, भुवनेश जांगिड़ सहित मातृ शक्ति से अर्पिता शर्मा, उर्वशी भारद्वाज, नंदिता झंवर, उर्मिला गुप्ता, शोभन्ता जैन, शशि मोदी उपस्थित थे। </p>