लघु उद्यमियों ने शुक्रवार लघु उद्योग भारती संगठन के बैनर तले मुख्यमंत्री और उद्योग केन्द्र महाप्रबंधक को एमएसएमई मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। लघु उद्योगों के लिए सरकार के नियमों को शिथिल करने की मांग की। उद्यमी सरकार के आगामी एक जनवरी से लघु उद्योगों में फायर एनओसी नहीं होने पर प्रतिदिन के हिसाब से आर्थिक दंड और उद्योगों के लिए उलझन भरे लागू नियमों से नाराज हैं। लघु उद्योग भारती ने बताया कि फायर एनओसी पहले साल में आर्थिक दंड का प्रावधान था। लेकिनए अब सरकार ने इसको लेकर प्रतिदिन का नियम लाया हैए जी आगामी एक जनवरी से सरकार लागू करने जा रही है जिससे लघु उद्योग समास हो जाएगे। इस नियम को शिथिल करते हुए आर्थिक दंड की अनिवार्यता को समार्थ करें। सरकार आए दिन उद्योगों पर नए कार्यदे कानून बना रही है। जिससे उद्यागों को चलाने में असुविधा होगी है। हमारी मांग है कि सरकार निगमों में शिथिलता अपनाए।
लघु उद्योग चलाने वाला की ये हैं मागे
उद्योग भारती ने लघु उद्योगों के लिए लागू किए जा रहे फायर एनओसी में आर्थिक दंड की अनिवार्यता को समाप्त करनेए नगरीय क्षेत्र के अंतर्गत निर्मित औद्योगिक क्षेत्र में एमपीआईडीसी और एमएसएमई संधारण शुल्क के अलावा प्रापटी टैक्स लिए जाने पर प्रापर्टी टैक्स को खत्म करने, उद्योग संवर्धन बोर्ड की प्रतिमाह बैठक करवाने, लघु उद्योग में आकस्मिक दुर्घटना में श्रमिक की मौत पर बीएनएस की धारा 105 की जगह 106 लगाए जाने, चकियों को लघु उद्योग का दर्जा देकर उद्योग दर से बिजली प्रदान किए जाने की माग की गई। जिसमें लघु उद्यमियों के लघु उद्योग भारती संगठन ने 31 दिसंबर तक मांगों के निराकरण की बात कही है। अम्बधा जिला और भोपाल में आंदोलन की चेत्यवनी दी है। लघु उद्योग भारती ने ज्ञापन में बताया कि तास्तद्वारा चाकरीद में उद्योग के लिए भूमि अटित की गई है लेकिन यहां पर कोई भी इकाई संचालित नहीं है इस पर सभूमि की जाए।