विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर शिवालिक सिलिका अगावली माइस के द्वारा परिसर में पौ वारोपण कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के 51 पौधे लगाए गए। जिसमें विभिन्न प्रजातियों के फलदार फूलदार और छायादार पौधे लगाए गए। इस उपलक्ष्य में शिवालिक सिलिका माइस के निदेशक योगेश सिघल ने कहा कि जब से दुनिया शुरू हुई है. तभी से इंसान और कुदरत के बीच गहरा रिश्ता रहा है। पेड़ों से पेट भरने के लिए फल-सब्जियों और अनाज मिला। तन ढकने के लिए कपड़ा मिला। घर के लिए लकड़ी मिली। इनसे जीवनदायिनी ऑक्सीजन भी मिलती है, जिसके बिना कोई एक पल भी जिंदा नहीं रह सकता। इनसे औषधिया मिलती है।
शिवालिक सिलिका अगावली के संचालक नितिन सिंघल ने बताया कि 5 जुन विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। पर्यावरण का अर्थ उस प्राकृतिक परिवेश से है, जिसमें हम रहते है। हमारे चारों ओर के सभी जीव और निर्जीव तत्व पर्यावरण का हिस्सा है. जैसे हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे और जीव-जंतु। प्रकृति के बिना मानव जीवन खत्म हो जाएगा इस बात से भली भांति परिचित होते हुए भी लोग प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पर्यावरण पर पहने वाले प्रभाव के कारण दुनिया विनाश की ओर जा रही है। मौसम में होता बदलाप इसका एक सकेत है। अत्यधिक बढ़ते तापमान का एक कारण ग्लोबल वार्मिंग है. जो मानव जीवन को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में पर्यावरण के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करके प्रकृति को हो सो नुकसान को रोका जा सकता है। पर्यावरण दिवस भी इसी उद्देश्य के साथ मनाते है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना है हालांकि आज के औद्योगीकरण के दौर में पेड़ों की अधाधुंध कटाई चिंता का विषय बन गया है. इसके चलते दुनियाभर के इकोसिस्टम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. पर्यावरण को सुख्खा प्रदान करने का संकल्प लेने के उद्देश्य से ही हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर मैनेजर बैद्यनाथ शर्मा, अजय मिश्रा, जाकिर हुसैन संजय तिवारी सुकानत नायक रामनिवास मीना, रामकिशोर मीना मनोज शर्मा विश्वनाथ भूरेन्द्र जाट विश्वेन्द्र गुर्जर पप्पू जादव आदि भी मौजूद रहे।