उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ने बुधवार को रीको औद्योगिक क्षेत्र, जगतपुरा में सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र का लोकार्पण किया। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि शिक्षा व कौशल दोनों जरूरी है, इसलिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल शिक्षा को शामिल किया गया है। सिर्फ डिग्री लेने से कुछ नहीं होता अगर आप कौशल रखते हैं तो समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कौशल विकास विकसित भारत के निर्माण के लिए बहुत जरूरी है। हम भारतीय हैं और भारतीयता हमारी पहचान है, हम राष्ट्रवाद से समझौता नहीं कर सकते हैं और राष्ट्रवाद के लिए हमारे सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों का पूर्णतया विकास होना जरूरी है। धनखड़ ने कहा कौशल मनुष्य को तो तपस्वी बनाता ही है। साथ ही हौंसला भी देता है और एक आत्मसम्मान भी देता है। भारत में वह वह ताकत है कि हम कौशल के ज्ञानी लोग दुनिया को दें और ऐसा हो भी रहा है। आज के दिन जो समस्या सामने है, उसका समाधान ऐसे कौशल केन्द्रों से निकलता है। कार्यक्रम में उद्योग एवं कौशल विकास मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल मौजूद रहे। डॉ. गोपाल ने कार्यक्रम में कहा कि लघु उद्योग भारती के कार्यकर्ताओं ने देश भर में एक अच्छा उदाहरण पेश किया है।
लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विकास केन्द्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाएंगे
लघु उघोग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के 600 से अधिक जिलों में काम कर रही है। ओझा ने कहा कि 2018 में सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केन्द्र के लिए भूमि मिली। इस विकास केन्द्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड़ महामंत्री ओम प्रकाश गुप्ता सहित लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी मौजूद रहे।