हस्तशिल्प उत्सव में शनिवार को तीसरे ही दिन शहर के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर खरीदारी की। यही नहीं मेले के सभी डोम में सुबह से रात तक रेलमपेल रही। शनिवार छुट्टी का दिन होने की वजह से मेले में सुबह से ही लोग अपने परिवार सहित मेले का लुप्त उठाया। यहीं इस दौरान हजारों लोगों ने बेट द्वारिका के दर्शन के लिए जबकि इसे देखने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी।
झूलों पर उमड़ी बच्चों की भीड़
छुट्टी का का दिन होने पर लोग अपने बच्चों के मेले का आनन्द लेने पहुंचें। । बच्चों के झूलों पर बच्चों की कतारें देखी गई। इस दौरान बड़ों व महिलाओं ने भी झूलों का आनंद लिया।
सभी डोम की स्टॉलों पर रही भीड़
डोम ए, बी, सी व डी के में जबर्दस्त भीड़ रही। लोगों ने गर्म वस्त्रों व यूनिक आइटमों की खरीददारी की। दूसरी ओर वही महिलाओं ने सजावटी आइटमों की भी जमकर खरीददारी की।
घरेलू आइटमों की बिक्री ज्यादाः मेल में महिलाओं ने ज्यादातर घरेलू रसोई के आइटमों की जमकर खरीददारी की।
गीता बाल संस्कार कार्यक्रम में बच्चों ने दिखाया उत्साह
मेले में गीता बाल संस्कार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मेला समन्वयक महावीर चौपड़ा ने बताया कि मेले में प्रतिदिन महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। महिला इकाई अध्यक्ष मोना हरवानी ने बताया कि आमतौर पर बच्चे पूरा दिन घर पर टीवी और मोबाइल में अपना समय व्यतीत करते हैं और इस कारण हमारे युवा पीढ़ी संस्कारों से दूर होती जा रही है। लघु उद्योग भारती ने हस्तशिल्प उत्सव में गीता बाल संस्कार कार्यक्रम के माध्यम से इन छोटे-छोटे बच्चों को भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ने का अभिनव प्रयास किया है। कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर नॉदनी बंसल ने बताया कि शनिवार को गीता बाल संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 60 से अधिक बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। गीता बाल संस्कार से धनेश सोनी के सान्निध्य में बच्चों ने बेहतरीन अंदाज में संगीतमई गीता पाठ की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मोहित कर दिया। कार्यक्रम का संचालन एंकर आशीष पुरोहित ने किया।
महिलाओं की ओर से घरेलू तवा, टिफन, लाइटर, झाडू इत्यादि की खरीददारी की। बेट द्वारका दर्शन के लिए लगी लंबी कतारेः मेले में आने वाले करीब करीब सभी लोग भेंट द्वारका के दर्शन किए। यहीं नहीं इसे देखने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग गई। इस डोम में भेंट द्वारिका के मार्ग की ही तरह सुरंग तैयार की गई है और बेट द्वारकाधीश का मंदिर भी बनाया गया है। इस टनल में प्रवेश करने के साथ ही हर किसी को यह अहसास बेट द्वारिका जैसा ही होने लगा।
आज होगी शतरंज की प्रतियोगिताएं
दो आयु वर्ग में शतरंज प्रतियोगिता होगी। वही दूसरे दिन सोमवार को अग्नि रहित पाक कला फायरलैस कुकिंग प्रतियोगिता एवं फैशन शो का आयोजन होगा। इसके साथ ही शाम को मुंबई के चित्र लेखा सैन एंड पार्टी की फिल्मी गीतों पर प्रस्तुतियां दी।