केंद्र की मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था के दूसरे इंजन के रूप में कार्यरत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एम.एस.एम.ई.) क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसी कड़ी में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा द्वारा लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठक की थी।
उक्त जानकारी देते हुए लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट अरविंद धूमल ने बताया कि इस बैठक में लघु उद्योग भारती, हरियाणा के महासचिव मनोज रूंगटा (सी.ए.), महाराष्ट्र के अध्यक्ष अमित घैसास, मास कम्युनिकेशन बोर्ड के संयोजक अतीत अग्रवाल व अन्य गण्यमान्य शामिल थे।
संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई उक्त उच्च स्तरीय बैठक में विस्तृत चर्चा के पश्चात देश भर से एकत्रित सुझावों उनके समुचित समाधान संबंधी एक ज्ञापन भी दिया। मास कम्युनिकेशन बोर्ड उत्तर पश्चिम क्षेत्र प्रमुख विक्रान्त शर्मा ने बताया कि इसमें एक डैडिकेटेड एम.एस.ई. क्रेडिट मॉनिटरिंग सेल बनाने, सी.जी.एस.टी. एम.एस. ई. योजना के अंतर्गत ऋण का रिव्यू करने, माइक्रो और छोटे लेवल के एंटरप्रेन्योर्स को बिना किसी पैनेल्टी चार्ज के एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्टेबिलिटी की आज्ञा देने, वर्किंग कैपिटल लोन के नियमों में बदलाव करके तय टर्नओवर की मौजूदा 20 प्रतिशत की लिमिट को बढ़ाकर 30 या 40 प्रतिशत करने, आर.बी.आई. को सभी बैंकों और एन.बी. एफ.सी. में माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज़ के लिए एक कॉमन लोन एग्रीमेंट फ्रेमवर्क लाने, खासकर टियर 2 और टियर-3 शहरों और इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स में ब्रांच खोलनी चाहिए, ताकि अच्छी क्वालिटी वाले एम.एस.ई. को तेज, सस्ता और आसानी से मिलने वाला फाइनेंस मिल सके।
सोलर सिस्टम को कंसेशनल रेट पर फाइनांस करने के लिए लोन लिमिट भी 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए करने की मांग की गई।
केंद्रीय बजट 2026 में सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्कुलर इकोनॉमी प्रैक्टिस पर जोर दिया और स्मॉल एंटरप्राइजेज को दी जाने वाली क्रेडिट सुविधाओं पर पूरा डेटा दिखाने के लिए एक सेंट्रलाइज्ड पब्लिक पोर्टल बनाना चाहिए। वहीं आर.बी.आई. को अपनी योजनाओं संबंधी जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। बैंक गारंटी जारी करने के लिए मांगी गई मार्जिन मनी को कम किया जाए। 60 वर्ष के अनुभवी एंटरप्रेन्योर जिनके पास काम के बिजनेस आइडिया हैं, उन्हें सिर्फ उम्र के आधार पर निराश नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने काह कि इंटरनैशनल ट्रेड से जुड़े मुद्दों जिनमे एक्सपोर्टर्स के लिए विशेष योजना, पैकिंग क्रेडिट और ब्याज के लाभ बढ़ाने संबंधी ज्ञापन दिया गया है।