इटायरा गांव में कब्जा मुक्त कराई गई पंचायती जमीन पर अब औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं होगा। इस जमीन को शासन-प्रशासन ने अन्य प्रयोजन के लिए गृह विभाग को दे दिया। इसे लेकर उद्यमियों ने नाराजगी जताई। कहा कि शासन-प्रशासन इसी जमीन पर उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करके दें। कताई मिल को लेकर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया। उद्यमियों को उस समय झटका लगा, जब सोमवार को यूपीसीडा द्वारा मेरठ में नए औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण के लिए भूमि के चयन एवं अन्य आवश्यक सुझाव मंत्रणा के लिए औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ की गई बैठक में उन्हें जानकारी दी गई कि कब्जामुक्त कराई गई जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं होगा। बैठक में लघु उद्योग भारती के संभाग महासचिव राजकुमार शर्मा, मेरठ महानगर अध्यक्ष पंकज कुमार जैन, महासचिव अर्पित जैन, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज दिल्ली रोड के अध्यक्ष विजेंद्र अग्रवाल, महामंत्री विपिन अग्रवाल, मनीष प्रताप, आईआईए मेरठ चैप्टर चेयरमैन तनुज गुप्ता, सचिव गौरव जैन और उपाध्यक्ष निपुण जैन रहे।
सभी उद्यमियों ने कहा कि उनकी पहल एवं प्रवासों से कोतवाल खाते को 155 हेक्टेयर भूमि को औद्योगिक लैंड यूज के लिए चिह्नित किया गया था, जिसे प्रशासन ने कब्जा मुक्त भी करा 'लिया। आरएम यूपीसीडा राकेश झा ने कहा कि यूपीसोडा के पास जमीन खरीदने हेतु पर्याप्त धन नहीं है। लघु उद्योग भारतों मेरठ के अध्यक्ष पंकज कुमार जैन ने भी सुझाव दिया।