चीन के बायकॉट से भारत के हैंडीक्राफ्ट के लिए नई उम्मीदें, विदेश में डिमांड बढ़ी

October 18, 2023

<p>भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट</p><p>कपिल भटनागर / मनोज कुमार पुरोहित | टर नोएडा</p><p>अमेरिका और ब्रिटेन में मंदी की मार झेल रहे जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट का असर फर्नीचर के एक्सपोर्ट पर पड़ने लगा था. लेकिन रूस-यूक्रेन विवाद और इजराइल हमास के बीच नाटो देशों के चीन से आयात पर रोक ने जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट के लिए नए रास्ते खोले हैं। ग्रेटर नोएडा के इंडियन एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में चल रहे इंडियन हैंडीक्राफ्ट एंड गिफ्ट फेयर में आए विदेशी बायर्स के रुझान से इसे समझ सकते हैं। फेयर में यूरोपीय और अरब देशों के बायर्स पिछले सालों के मुकाबले कम नजर आए।</p><p>वहीं जोधपुर के एक्सपोर्टर्स की स्टॉल पर आने वाले बायर्स इस बात की पूछताछ करते दिखे कि यहां बनने वाले फर्नीचर में चीन के आइटम तो नहीं लगे हैं। वायर्स का कहना है कि रूस यूक्रेन विवाद में चीन के रख नाराज नाटो देशों ने यहां से इंपोर्ट पर रोक लगाई है। पिछले दिनों एक्सपोर्टर्स के पास बायर्स ने मेल का नट, कोल और स्क्रू जैसे आइटम के बारे मैं भी डिटेल्स मंगवाई है। उनका कहना है कि वे वहीं फर्नीचर इंपोर्ट करेंगे, जिसमें वन का कोई भी आइटम न लगा हो।</p><p><strong>सालाना 3500 करोड़ का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट</strong></p><p>जोधपुर से हर साल करीब 3500 करोड़ रुपए का हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट होता है। इसमें सर्वाधिक हिस्सा फर्नीचर का है। निर्यातकों ने बताया कि चीन के हार्डवेयर आइटम जैसे नट, स्क्रू आदि फर्नीचर में इस्तेमाल होते है, क्योंकि ये सस्ते पड़ते हैं। ताजा फैसले से फर्नीचर एक्सपोर्ट तो बड़े पर मुनाफे पर असर होगा, क्योंकि अब हमे महंगे आइटम लगाने होंगे।</p><p><strong>जोधपुर से सबसे ज्यादा 45% एक्सपोर्ट अमेरिका को</strong></p><p>जोधपुर  से अमेरिका में 45% नीदरलैंड्स 11 जर्मनी 9 स्वीडन 4. डेनमार्क 7 और पोलैंड को 3% एक्सपोर्ट होता है।</p>

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