जयपुर में आयोजित होने वाले इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के प्रचार के लिए चीन गया प्रतिनिधिमंडल सफलतापूर्वक यात्रा कर पुनः भारत लौट आया। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय सचिव व एमएसएमई बोर्ड सदस्य मेड़ता निवासी नरेश पारीक ने बताया कि चीन के शामीन स्टोन फेयर के दौरान इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के अंतरराष्ट्रीय प्रचार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस दौरे के दौरान चीन, अंगोला, ईरान, कंबोडिया, वियतनाम, तुर्की और इटली जैसी विभिन्न देशों की प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ 2100 वर्ग मीटर से अधिक स्थान की बुकिंग सुनिश्चित की गई है। यह उपलब्धि इंडिया स्टोन मार्ट 2026 की वैश्विक उपस्थिति को और सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आधुनिक स्टोन तकनीकों में भी अलेखनीय प्रगति देखी, जिनमें से कुछ वैश्विक स्तर पर अग्रणी और अत्याधुनिक मानी जा रही हैं। विशेष 0.5 एमएम वायर कटिंग तकनीक, वॉटर जेट कटिंग, उन्नत सीएनसी तकनीक (जो मूर्तिकला और उभरी हुई छपाई में विशेष उपयोगी है), और प्राकृक्तिक पत्थरों के लिए उन्नत रंगीन छपाई तकनीक जैसी नवाचारों को प्रमुख रूप से देखा गया। इसके अतिरिक्त, स्टोन निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोबोटिक मशीनों ने भी भारतीय बाजार में गहरी रुचि दिखाई है, जो भविष्य में भारतीय पत्थर उद्योग को तकनीकी उन्नति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नई दिशा दे सकता है।
चीनी कंपनियों की भागीदारी हेतु महत्वपूर्ण समझौता
इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में चीनी कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लघु उद्योग भारती और वैल्यू शॉन मनागेनेन्ट गेनेन्ट कंपनी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। यह समझौता चीनी कंपनियों को इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, भारत सरकार द्वारा चीनी कंपनियों को वीजा जारी नहीं करने की नीति एक प्रमुख बाधा बनी हुई है। यदि सरकार चीनी कंपनियों को वीजा प्रदान करती है, तो इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में चीनी कंपनियों की भागीदारी जबरदस्त रूप से बढ़ेगी, विशेष रूप से टूल्स और मशीनरी सेक्टर में बहुत बड़ा बदलाव होगा
इस यात्रा और समझौते को सफल बनाने में चीन में प्रवासी भारतीय विकास शर्मा और विष्णु शर्मा की विशेष भूमिका रही। उन्होंने चीनी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित करने और प्रतिनिधिमंडल के लिए सुविधाओं की व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई। उनके अथक प्रयासों से इस महत्वपूर्ण समझौते को अंतिम रूप दिया जा सका। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भारतीय पत्थर उद्योग को नई संभावनाएं मिलेंगी और यह उन्नत तकनीकों के उपयोग से वैश्विक प्रतिस्पधों में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के प्रति अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत का बढ़ता रुझान भारतीय स्टोन उहो के लिए एक उज्जवल भविष्य की संकेत करता है।