जीएसटी सुधार से आम आदमी के हाथ में बचेगा पैसा, इकोनॉमी को मिलेगा बूस्ट
प्रदेश के उद्योग संगठनों ने जीएसटी स्लैब को चार से घटाकर दो करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला आम आदमी के लिए काफी राहत भरा है क्योंकि इससे उनकी जेब में पहले की तुलना में अधिक पैसा बचेगा। उत्पादन बढ़ने से निवेश बढ़ेगा और सप्लाई चेन से लॉजिस्टिक्स सेक्टर भी बढ़ेगा। सरकार ने ट्रक से लेकर ट्रैक्टर तक के जीएसटी रेट में कटौती की है, इसका बड़ा प्रभाव देखने को मिलेगा।
जीएसटी के सरलीकरण से देश की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है। पहले पीएम मोदी और फिर जीएसटी काउंसिल में वित्त मंत्री ने इस बदलावों की घोषणा कर देश को आर्थिक विकास, उपभोक्ता कल्याण और राष्ट्रहित की ओर अग्रसर किया है।- घनश्याम ओझा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
“जेम्स-ज्वैलरी पर सीधे तौर पर जीएसटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन निर्यात रिफंड की प्रक्रिया को तेज किया गया है। इससे निर्यातकों की पूंजी में रुकावट दूर होगी। – नीरज लूणावत, महासचिव, ज्वैलर्स एसोसिएशन
जीएसटी के इन डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बदलाव से देश के साथ प्रदेश के छोटे व्यापारियों, उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था को बड़े फायदे होंगे। इससे देश में मांग, खपत और आपूर्ती में व्यवस्था में तेजी से आने से रोजगार और राजस्व में इजाफा होगा।- हेमंत प्रभाकर, महासचिव, कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स राजस्थान
नेक्स्ट-जेन जीएसटी सुधार अनुपालन को सरल बनाने, पारदर्शिता बढाने और विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार की सहजता को प्रोत्साहित करने की एक ऐतिहासिक पहल है।- अंजलि सिंह, चेयरपर्सन, सीआइआइ, उत्तरी क्षेत्र
ड्रिप इरिगेशन सिस्टम स्प्रिंकलर, बागवानी मशीनें, ट्रैक्टर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से 5 प्रतिशत की घोषणा की गई है। लेकिन वॉटर लिफ्टिंग पम्प 18 प्रतिशत है, तो बाकी रीयायतों का लाभ नहीं मिलेगा।- बनेचंद जैन अध्यक्ष, एराटिया