बीमारी के बाद ज्यादातर लोग खुद को स्वस्थ रहने के लिए ही तमाम तरह के जतन करते हैं लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो ऐसी स्थिति में खुद के साथ दूसरों की हेल्थ सही रखने की दिशा में कोशिश करते हैं। इन्हीं में हैं 43 साल की रूचिका लीला। वे 2008 से इमिटेशन जूलरी का अच्छा खासा बिजनेस कर रही थी। लेकिन जब उन्हें डाइबिटीज हुई तो उन्होंने सोचा कि लोगों को क्यों न लोगों को हैल्दी फूड उपलब्ध कराया जाए ताकि वे शरीर को नुकसान देने वाले आटा व मैदा पर ही निर्भर न रहें। उन्होंने तीन साल पहले जूलरी का बिजनेस बंद कर दिया और सुपर फूड कहे जाने वाले मोटे अनाज के हैल्दी पोहे, कुरकुरे और बिस्किट बनाने शुरू किए। आज उनके बनाए प्रोडक्ट शहर के कई स्टोर्स पर बिक रहे हैं और कई जगह से ऑनलाइन ऑर्डर आने लगे हैं।
रूचिका ने बताया, 2017 में लघु उद्योग भारती के एक हेल्थ अवेयरनेस प्रोग्राम में शामिल हुईं जहां एक्सपर्ट ने आटा-मैदा से होने वाले नुकसानों के बारे में बताया। कुछ दिनों बाद मुझे डायबिटीज हो गई। यह मेरे लिए चौंकाने वाला था क्योंकि मैं शुरू से अपनी हेल्थ के प्रति अवेयर रही हूं। फैमिली हिस्ट्री भी नहीं थी। तब पहली बार लगा कि हम जो खा रहे हैं वह फूड ही हैल्दी नहीं है। मैंने हेल्थ अवेयरनेस के प्रोग्राम अटेंड करने शुरू किए तो पता चला कि लोगों को हेल्दी फूड पाने के लिए काफी भटकना पड़ता है। मुझे लगा कि क्यों न ऐसा बिजनेस ही करूं जिसमें लोगों को हेल्दी फूड सप्लाई करूं ताकि उनका स्वास्थ्य भी ठीक रहे।
काजरी में बाजरे के प्रोडक्ट बनाने की एक महीने की ट्रेनिंग ली और बाजरे से बिस्किट, कुरकुरे, पोहे सहित मोटे अनाज से बनाए जाने वाले कई प्रोडक्ट के बारे में सीखा। वहां सीखे प्रोडक्ट जब घरवालों, पड़ोसियों- रिश्तेदारों को खिलाए तो सबने काफी पसंद किए। मैंने घर पर ही बाजरे के अलग-अलग फ्लेवर के बिस्कुट बनाने शुरू किए। पहली बार 150 पैकेट बिस्किट का बड़ा ऑर्डर मिला। बस मेरा कांफिडेंस बढ़ा तो मैंने शहर की दुकानों-मॉल और बड़े शोरूम में जाकर इनके बारे में बताने लगी। वे भी हमें ऑर्डर देने लगे। वर्तमान में रूचिका पांच तरह के बिस्किट बना रही हैं। इनमें राजगीरा, बाजरे के साथ-साथ व्रत में खानेयोग्य श्यामक चावल के आटे वाले बिस्किट भी हैं। शहर में 10 से अधिक प्रमुख मार्ट सहित कई स्टोर पर ये प्रोडक्ट सप्लाई हो रहे हैं। अब रूचिका लोगों को सुपर फूड के फायदे भी बता रही हैं ताकि लोग इस हैल्दी फूड की अहमियत समझें और आटा व मैदा को अपनी प्लेट से कम करें।