लघु उद्योग भारती महिला इकाई जोधपुर महानगर द्वारा आज कपड़ों पर भारतीय पारंपरिक शिल्प टाई एण्ड डाई प्रिंटिंग की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला इकाई अध्यक्ष श्रीमती मोना हरवानी ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार व स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से कपड़ों पर टाई एण्ड डाई प्रिंटिंग की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें महिलाओं को डिजाईनिंग के क्षेत्र मे संभावनाओं और नवीनतम तकनीकी की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक श्रीमती निधि सिंह ने बताया कि कपड़ों पर एक सुन्दर पैटर्न बनाने के लिये रंगों को मिलाने की कला टाई और डाई कहा जाता है। जिसमें सूती कपड़े को रंग लगाया जाता है। बंधनी या बन्धेज जिसे अंग्रेजी मेटाई एण्ड डाई पद्धति के रूप में जाना जाता है। यह सबसे महत्वपूर्ण कलाओं में से एक है। उन्होने कपड़ो पर जीवन्त प्रदर्शन करते हुए बताया कि इसमें प्राकृतिक रंगों का प्रयोग किया जाता है। कपडे पर छोटे छोटे बिन्दुओं को लगातार एक धागे से बांधन और रंगने की खूबसूरत राजस्थानी कला है। इस आधुनिक तकनीक से साड़ी, लहरिया, बन्धेज एवं दुपट्टा पर प्रिंटिंग की जाती है। इस मौके श्रीमती बिन्दू जैन, श्रीमती मीनू दूगड़, श्रीमती मंजू सारस्वत, श्रीमती शिल्पा अग्रवाल, श्रीमती इन्दु अग्रवाल, श्रीमती नलिनी बंसल, श्रीमती स्वाति शर्मा, वाणी गुरूप्रेक्षा, श्रीमती भाविका सालेचा, सुधा गर्ग, भावना मोटवानी, ममता मनानी वर्षा व रूपा भंसाली उपस्थित रही। अंत में श्रीमती कंचन लोहिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया।