भारत जब तुर्की में आए भूकंप के समय सबसे पहले मानवीय सहायता भेज रहा था, तब तुर्की का भारतविरोधी रुख अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और विश्वासघातपूर्ण है। ऐसे में अब हमें आर्थिक मोर्चे पर भी सख्त कदम उठाने होंगे।”
उन्होंने बताया कि स्थानीय आयातकों से संपर्क कर उन्हें तुर्की उत्पादों के बहिष्कार के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह निर्णय केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि राष्ट्रहित और आत्मसम्मान की भावना से प्रेरित है।
लघु उद्योग भारती किशनगढ़ इकाई का यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेरक उदाहरण बन सकता है। जब-जब देश के स्वाभिमान और सुरक्षा के सामने चुनौतियाँ आई हैं, तब-तब भारतीय उद्योग जगत ने एकजुट होकर राष्ट्र के साथ खड़ा होने का परिचय दिया है। मुख्य बिंदु:
• तुर्की से मार्बल आयात पर पूर्ण रोक का निर्णय।
• लघु उद्योग भारती किशनगढ़ इकाई की कार्यकारिणी बैठक में प्रस्ताव पारित।
• स्थानीय व्यापारियों को बहिष्कार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
• निर्णय राष्ट्रहित और आत्मसम्मान को प्राथमिकता देने की दिशा में ऐतिहासिक कदम।