लघु उद्योग भारती काशी प्रांत के उद्यमियों ने रविवार को लहुराबीर स्थित होटल लेमन ग्रास में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जिसमें रामनगर से पड़ाव चौराहा तक बनने वाली फोर लेन सड़क निर्माण परियोजना में मुआवजे की मांग उठाई गई। उद्यमियों ने आरोप लगाया कि उनके मकानों, दुकानों और चहारदीवारों को बिना किसी नोटिस या पर्याप्त मुआवजे के तोड़ा जा रहा है।
बैठक के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि ग्राम भोजपुर चंदौली में सड़क की चौड़ाई को लेकर राजस्व विभाग के दस्तावेज में 15 मीटर का उल्लेख है, जबकि पीडब्लूडी के अधिकारी इसे 26 मीटर बताते हैं। उन्होंने बताया कि सड़क के किनारे पत्थर गाड़कर चौड़ाई का निर्धारण किया गया था और यह आज लहुराबीर स्थित होटल लेमन ग्रास में बैठक मोटर पर मौजूद है। उद्यमी विनय सिंह ने कहा कि कटेसर से पड़ाव तक सड़क की चौड़ाई स्थायी नहीं है, कहीं नौ मीटर तो कहीं 15 मोटर ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीडब्लूडी अधिकारी बिना दस्तावेज के मुआवजा देने से मना कर रहे हैं।
बैठक में उपस्थित अन्य सदस्यों जैसे सुशील पटेल और नवीन सिंह ने भी मुआवजे के लिए कार्रवाई की मांग की। उद्यमियों ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट और उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों की अवहेलना करते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों से मांग की कि जल्द से जल्द क्षतिपूर्ति और मुआवजा दिया जाए। इस बैठक में ज्योति शंकर मिश्रा, विनय प्रताप सिंह, रामलखन यादव आदि मौजूद रहे।