औद्योगिक इकाइयों पर विद्युत विभाग द्वारा लगाए गए स्पेशल फ्यूल सरचार्ज एवं फ्यूल सरचार्ज के नाम से विद्युत बिलों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग को लेकर लघु उद्योग भारती एवं राइस मिलर्स एसोसिएशन से जुड़े उद्यमियों ने अध्यक्ष सत्यनारायण माहेश्वरी की अगुवाई में जिला कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी को सौंपा। ज्ञापन में लिखा की यदि फ्यूल सरचार्ज की राशि उचित है तो लागत के आधार पर 2023-24 के टैरिफ दर में वृद्धि करनी चाहिए ताकि औद्योगिक इकाइयां अपना पड़ता लगाकर माल बेचे। टैरिफ दर को लागत मानकर उत्पाद बेचने के 1 वर्ष पश्चात इतनी बड़ी राशि उद्योगों से वसूल करना अन्याय है । उद्यमियों का शोषण करने जैसा है । उद्यमियों ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में राजस्थान में बिजली की दर सबसे अधिक होने तथा बार – बार सरचार्ज वसूली की वजह से कई फैक्ट्रियां दूसरे राज्यों में पलायन की ओर अग्रसर दूसरे राज्यों में पलायन की ओर अग्रसर है। वहीं कई उद्योग धंधे बंद होने की कगार पर है। उद्योग धंधे बंद हुए तो लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी भारी कमी आएगी।
लघु उद्योग भारती के सचिव रमनदीप शर्मा ने बताया कि विद्युत विभाग द्वारा फ्यूल सरचार्ज के नाम से की जा रही वसूली से व्यापारी वर्ग आहत है जिस पर सरकार को तत्काल रोक लगानी चाहिए।
मन शर्मा ने कहा कि प्रदेश में दूसरे राज्यों की अपेक्षा बिजली महंगी मिलने के कारण पहले ही उद्योग धंधों को चलाना मुश्किल हो रहा है। ऊपर से फ्यूल सरचार्ज के नाम पर की जा रही वसूली ने कोढ़ में खाज का काम किया है। लघु उद्योग भारती अध्यक्ष सत्यनारायण माहेश्वरी एवं ज्ञापन देने आए सभी उद्यमियों ने मांग की है कि सरकार औद्योगिक इकाइयों के हित में फ्यूल सरचार्ज तथा स्पेशल फ्यूल सरचार्ज को तत्काल वापस लेकर प्रदेश के उद्यमियों को राहत प्रदान करें। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सरकार द्वारा फ्यूल सरचार्ज तथा स्पेशल फ्यूल सरचार्ज को वापस नहीं लिया गया तो मजबूरन उद्यमियों को आंदोलनात्मक रुख अख्तियार करना पड़ेगा। इस दौरान राइस मिलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष नीरज शर्मा, अनिल मंडोवरा, महेश पाटोदी, प्रवीण मूंदड़ा, रमेश झंवर सहित कई औद्योगिक इकाइयों से जुड़े उद्यमी मौजूद रहे।