शहर के रामलीलामैदान में 09 जनवरी से 19 जनवरी तक आयोजित होने वाला 34 वां पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2025 राइजिंग राजस्थान और विश्वकर्मा योजना की थीम पर आधारितं होगा। वहीं मेले लेकर इस बार आर्टिजन व हस्तशिल्पियों ने जबरदस्त उत्साह दिखाया, जिससे मेले की लगभग सभी स्टॉल्स बुक हो चुकी है। मेला आयोजन नोडल एजेंसी लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मेला संयोजक घनश्याम ओझा ने बताया, पश्चिमी राजस्थान उद्योग हारशिल्पं उत्सव 2025 को लेकर न केवल जोधपुर बल्कि पूरे मारवाड़ के लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस मेले में एक ही प्रांगण में सभी प्रकार की उत्पाद मिलते हैं और हस्तशिल्पियों और छोटे-छोटे आर्टिजन को भी अपने उत्पादों की बिक्री का अवसर मिलता है। ओझा ने बताया, इस बार हमने प्रयास किया है कि मेले में अधिक से अधिक स्टॉल्स छोटे-छोटे हस्तशिल्पियों, आर्टिजन और छोटे उद्यमियों को स्टॉल्स आवंटित की जाएं ताकि हर प्रकार के हैंडीक्राफ्ट आइटम एवं हस्त निर्मित उत्पाद इस मेले में उपलब्ध हों सके।
मेले की अधिकांश स्टॉल्स हुई बुक मेले में रहेगी त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
अबतक 700 स्टॉल हुई बुक
लघु उद्योग भारती के जोधपुर प्रांतीय अध्यक्ष और मेला समन्वयक महावीर चोपड़ा ने बताया, मेले की 700 स्टॉल्स की बुकिंग करने के साथ ही कुछ दिनों में लगभग सभी स्टॉल्स बुक की जा चुकी है और अभी भी लगातार स्टॉल्स बुकिंग को लेकर आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। मेले में 20 प्रदेशों के हस्तशिल्पी, आर्टिजन और छोटे उद्यमी अपनी स्टॉल लगाएंगे। यह मेला व्यावसायिक दृष्टि से नहीं बल्कि छोटे-छोटे उद्यमी और आर्टिजन को मार्केट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित करवाया जाता है। जिससे यहां आने वाले प्रत्येक आर्टिजन को बेहतर से बेहतर आय हो सके।
राइजिंग राजस्थान व विश्वकर्मा योजना पर आधारित होगा हस्तशिल्प मेला
मेला संयोजक घनश्याम ओझा ने बताया, इस बार हस्तशिल्प मेला राइजिंग राजस्थान और विश्वकर्मा योजना पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, राजस्थान सरकार ने प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लिए हाल ही में बड़े स्तर पर राइजिंग राजस्थान अभियान की शुरूआत की थी और काफी निवेशकों ने प्रदेश में निवेश करने में अपनी रुचि दिखाई। इसीको आगे बढ़ते हुए हस्तशिल्प मेले में भी राइजिंग राजस्थान के तहत उद्यमियों को राजस्थान प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं लघु उद्यमी, आर्टिजन को विश्वकर्मा योजना से लाभान्वित करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
रोजाना होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्टियां एवं सेमिनार
मेला समन्वयक महावीर चोपड़ा ने बताया, पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव पूरे राजस्थान का सबसे बड़ा औद्योगिक मेला हैं। इस मेले में प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोग मेला देखने आते हैं। मेले में उद्यमियों के लिए उद्योगों से संबंधित विभिन्न संगोष्ठिया एवं सेमिनार का आयोजन होगा। वहीं शहरवासियों के लिए विभिन्न वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित होगी। रोजाना शाम को भारतीयता के दर्शन को ध्यान में रखते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा।