भारत को विश्व में फिर से सोने की चिड़िया बनाने को लेकर लघु उद्योग भारती का दो दिवसीय अभ्यास वर्ग शनिवार से शुरू हुआ।
लघु उद्योग भारती उदयपुर महासचिव कपिल सुराणा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उद्योग राज्य मंत्री केके विश्नोई, लघु उद्योग भारती अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, अखिल भारतीय उपाध्यक्ष गोविंद राम मित्तल आदि ने किया। अभ्यास वर्ग के प्रथम दिन शनिवार को 6 सत्र में अभ्यास वर्ग का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों के ज्ञाताओं द्वारा उपस्थित लघु उद्योग भारती के सदस्यों का मार्गदर्शन किया गया। अभ्यास वर्ग में लघु उद्योग भारती पदाधिकारियों ने चित्तौड़ प्रांत के लगभग 450 सदस्यों का आह्वान करते हुए कहा कि विश्व में भारत पूर्ण आर्थिक रूप से समृद्ध शाली बने, पुनः भारत का नाम सोने की चिड़िया बने इसको लेकर हमें नए रूप में अपनी तैयारी प्रारंभ करनी है।
इस तैयारी का आगाज शनिवार को मेवाड़ की धरती से किया गया। अपने उद्बोधन में अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने कहा कि हमें महाराणा प्रताप से सीख लेकर अपनी रणनीति तय करनी होगी। विषम परिस्थितियों में भी हम अपने आप को कैसे स्थापित कर सकते हैं इसको लेकर हमें दिशा एवं नीति तय करनी होगी। जिससे हमें सफलता मिल सके।
आंदोलन की तरह कार्य आरंभ करें: अभ्यास वर्ग में जनजातीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने उपस्थित उद्यमियों का आवाहन करते हुए कहा कि भारत ने अभी तक जिन कार्यों में सफलता हासिल की है उन कार्यों को लेकर एक आंदोलन गठित किया गया था, तो हमें भारत को आर्थिक संपन बनाने के लिए भी एक आंदोलन की तरह तैयारी करनी होगी एवं इस पर अमल करना शुरू करना होगा। अभ्यास वर्ग में उद्योग राज्य मंत्री के के बिश्नोई ने उपस्थित उद्यामियो के सामने मांग रख कहा कि देश में विश्व स्तर के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद तैयार करें जिससे दुनिया हमारी ओर आकर्षित हो सके। पहले हम जापान निर्मित किसी भी वस्तु को आंख बंद करके ले लेते थे क्योंकि हमें विश्वास था कि यह उच्य तकनीकी एवं गुणवत्ता वाला उत्पाद होगा। यही कार्य और तैयारी हमें हिंदुस्तान के लिए करनी होगी।