लघु उद्योग भारती ने रविवार को एक सेमिनार का आयोजन कर अपने सदस्यों को आयकर नियमों की जानकारी दी। कार्यक्रम में मौजूद सीए सुमित वत्ता ने कहा कि आयकर अधिनियम 43बी (एच) सूक्ष्म और लघु उद्यमों पर लागू होती है, मध्यम पर नहीं। उन्होंने आयकर विभाग के कामकाज में आए बदलावों पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि एमएसएम इंडी अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों का प्लांट और मशीनरी में निवेश एक करोड़ और टर्नओवर पांच करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए। दूसरी ओर, छोटे उद्यमों का प्लांट और मशीनरी में निवेश 10 करोड़ और टर्नओवर 50 करोड़ से अधिक नहीं होना चाहिए। सूक्ष्म और लघु आपूर्तिकर्ताओं के लिए भुगतान की समय-सीमा उद्यम लिखित सम्झौते की उपस्थिति के आधार पर, 15 या 45 दिनों के भीतर भुगतान करने के लिए बाध्य हैं। धारा 43बी (एच) तब लागू होती है जब कोई उद्यम एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 के तहत पंजीकृत उद्यम से सामान खरीद रहा है या सेवाएं ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना चाहिए कि एमएसएमईडी अधिनियम, 2006 के तहत खरीदार का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। उक्त अधिनियम पहली अप्रैल 2023 से लागू है। समारोह में आकाश राठौर, अनुज कपूर, मनोहर धवन, संजीव कुमार, हरीश गुप्ता, मनोहर दीवान, आशीष शर्मा, अनिरुद्ध राठौर, अमीर सिंह, अजय वर्मा, विनोद शर्मा, मनीष गुप्ता, पीयूष सेठ, मनोज अग्रवाल, गुरनाम चोपड़ा, लक्षित पब्बी, अमन कपूर, अमित दुग्गल, उत्तम चड्डा, सुमित दुग्गल, भारत मल्होत्रा, पीयूष सेठ, संजीव गुप्ता, गगनदीप सिंह, हरसिमरत सिंह, संजीव जैन, पीयूष जैन, विपिन धीर, राव धीर, सौरभ महाजन, पुनीत चोपड़ा, गौरव लूथर, राजीव ठाकुर, रमणीक गोयल, हंसराज शमा, रोशन लाल गुप्ता, चिराग शमां मौजूद रहे।