लघु उद्योग भारती राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष शातिलाल बालड़ एवं जोधपुर प्रांत अध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने राजस्थान विद्युत वितरण निगम लि. के हाल ही में घोषित बिजली उपभोक्ताओं के हित में लिए गए प्रस्तावों का स्वागत किया।
बालड़ व चौपड़ा ने बताया कि डिस्कॉम द्वारा फिक्स चार्जेज दोबारा लगाने का प्रस्ताव किया है, जिसका आम उपभोक्ताओं, घरेलू, औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत बताते हुए लघु उद्योग भारती व अन्य औद्योगिक संघों ने विरोध किया है। लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं एवं लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए दरों मे राहत, समयबद्ध कनेक्शन प्रक्रिया, ओपन एक्सेस की सरलता तथा सरलीकृत बिलिंग प्रणाली जैसे प्रस्तावों से आम व घरेलू व औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जो राज्य के सवार्गीण विकास को गति प्रदान करेगा।
यह है प्रस्ताव
1- लघु, सूक्ष्म और वृहद् औद्योगिक श्रेणी के लिए विद्युत शुल्क की दरों को एकरूपता प्रदान करने का प्रयास किया गया है जिसमें मल्टीपल एनर्जी चार्ज के स्थान पर विद्युत शुल्क की दर समान रखी गई है। वृहद श्रेणी में 7.30 रू से 6.30 रू मध्यम श्रेणी में 7 रू से 6.50 एवं स्मॉल श्रेणी में 6 रुपए प्रति यूनिट की है। इससे औद्योगिक श्रेणी में समान टैरिफ दर को प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि उपभोक्ताओ के लिए विद्युत शुल्क 5.55 रू से घटाकर 5.25 रू प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव किया है।
2- डिस्कॉम द्वारा पीएम सूर्यघर योजना में 150 यूनिट निशुल्क एवं कुसुम योजना में 12 हजार मेगावाट उर्जा क्षमता विकसित करने से डिस्कॉम को कम हानि और पॉवर परचेज मे कमी आयेगी जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
3- राजस्थान डिस्कॉम ने सभी श्रेणियों में विद्युत शुल्क
(एनर्जी चार्ज) कम करने का प्रस्ताव दिया।
4- पहली बार लगभग सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिये विद्युत शुल्क में कमी करना प्रस्तावित है।
5- प्रदेश के घरेलू श्रेणी के लगभग 1 करोड 35 लाख उपभोक्ता में से एक करोड 4 लाख उपभोक्ताओ को राजस्थान सरकार सब्सिडी प्रदान करता है। इन 1 करोड़ 4 लाख उपभोक्त्तत्राओं में से 62 लाख उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत के लिये कुछ भी भुगतान नहीं करना होगा अर्थात बिजली बिल शून्य होगा। घरेलू श्रेणी में स्लैब का विलय माननीय नियामक आयोग के निदेशी के अनुरूप है।
6- मौजूदा टैरिफ संरचना में संशोधन का प्रस्ताव करते हुए डिस्कॉम ने कुछ श्रेणियों में स्लैबों का विलय किया है, जिससे जटिल टैरिफ संरचना को सरल बनाया है।
7- इसके अलावा घरेलू श्रेणी के 51 से 150 यूनिट स्लैब में विद्युत शुल्क 6.50 से घटाकर 06.00 रुपए प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव किया गया है।