दिसंबर में तीन दिवसीय राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के आयोजन से प्रदेश में निवेश का वातावरण बन रहा है। न केवल विदेशी कंपनियों बल्कि प्रवासी राजस्थानियों में भी इसे लेकर अच्छा उत्साह है क्योंकि बरसों बाद उन्हें भी अपनी मातृभूमि पर निवेश करने और इससे जुड़ने का अवसर मिल रहा है और इसके जरिए वे यहां रोजगार सृजन का काम कर पाएंगे। ये कहना है सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए समर्पित अखिल भारतीय गैर सरकारी संगठन लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा का। वे बुधवार को संगठन के जयपुर स्थित प्रदेश कार्यालय सेवा सदन में राज्य स्तरीय मंथन बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्किल्ड युवा प्रतिभा की कोई कमी नहीं है इसलिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार के अथक और ईमानदार प्रयासों से निति रूप से इस बार निवेश धरातल पर साकार रूप ले सकेगा। ओझा ने बताया कि तीन दशकों के उल्लेखनीय कार्यों को ध्यान में रखते हुए तीन दिवसीय इस इन्वेस्टमेंट समिट के अंतिम दिवस 11 दिसंबर को एमएसएमई कॉन्क्लेव आयोजित करने की बड़ी जिम्मेदारी दी है जो संगठन और समस्त लघु उद्यमियों के लिए गौरव की बात है।
एलयूबी राष्ट्रीय सचिव नरेश पारीक ने बताया कि सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह में इटली में आयोजित विश्वस्तरीय स्टोन फेयर में लघु उद्योग भारती की स्टॉल लगाई गई जिसके माध्यम से इटली और वहां भाग ले रही कई विदेशी कंपनियों को भी राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड़ ने बताया कि प्रदेश भर से 5 हजार से अधिक एमएसएमई सेक्टर में कार्यरत उद्यमी इस कॉन्क्लेव में सहभागिता करेंगे।