लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमण्डल ने प्रदेश अध्यक्ष शांतिलाल बालड के नेतृत्व में आज राज्य सरकार के मुख्य सचिव वित्त के साथ बैठक में निवेश प्रोत्साहन योजना 2024 के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा की और सुझाव दिए।
बैठक में जिला स्तर पर कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में कन्वर्ट करवाने में उपखंड अधिकारी को पूर्व की भांति 50000 मीटर तक की कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में कन्वर्ट करने का अधिकार देने, कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में कन्वर्जन करने का अधिकार संभाग स्तर पर देने, रूपांतरण स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क में पुनः 100 प्रतिशत छूट देने, नए लगने वाले उद्योगों को रिप्स 2024 में सन 2047 तक के लिये उपरोक्त सभी छूट देने, नगर पालिका क्षेत्र के उद्योगों को भी कन्वर्जन चार्ज में छूट देने, रिप्स 2024 में लगने वाले उद्योगों को बैंकों को दी जाने वाली ब्याज की दर में सात प्रतिशत की दर से समान रूप से व्याज सब्सिडी मिलने, एमएसएमई के लिए वर्तमान एक करोड की सीमा को काम करके 10 लाख करने, रिप्स 2019 के समान 25 करोड़ से कम के निवेश के लिए पूंजीगत सब्सिडी फिर से शुरू करने, उद्योगों में सोलर प्लांट लगाने पर सोलर पर लगने वाली राशि पर 50 प्रतिशत अनुदान देने के अलावा ट्रीट पानी को बालोतरा, पाली, जोधपुर, जसोल से पानी का पाईपलाईन समुद्र के किनारे कच्छ की खाड़ी तक 400 किमी पाईपलाईन बनाकर छोडने सहित अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिस पर मुख्य सचिव वित्त ने विचार करने की बात कही। बैठक में लघु उद्योग भारती प्रदेश उपाध्यक्ष व उद्योग समिति संयोजक महेन्द्र खुराना एवम् जोधपुर प्रान्त सचिव विनोद सिंघवी तपस्थित रहे।