स्थानीय उद्यमियों को एक समग्र मंच उपलब्ध कराने तथा पूर्वोत्तर के उद्यमों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए वृहस्पतिवार से लघु उद्योग भारती (एलयूबी), पूर्वोत्तर प्रांत के तत्वाधान में तीसरा भारत औद्योगिक मेला (आईआईएफ) उद्यम-2025 का आयोजन शुरू हो रहा है। खानापाड़ा स्थित पशुपालन महाविद्यालय खेल मैदान में आगामी 2 नवंबर तक चलने वाले उद्यम-2025 का शुभारंभ केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री श्रीमती शोभा करंदजाले करेंगी।
एलयूबी, पूर्वोत्तर प्रांत के अध्यक्ष पार्थप्रतीम पाठक ने दैनिक पूर्वोदय के साथ हुई एक खास बातचीत में बताया कि उद्यम-2025 के लिए मंच तैयार है तथा कल से पूर्वोत्तर का सबसे विशालतम उद्यम मेला आरंभ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार का यह आयोजन कई मायनों में खास होने वाला है। चार दिन तक चलने वाले इस महाआयोजन में इस बार 300 से अधिक स्टॉल होंगे। इनमें अधिकांश असम और पूर्वोत्तर के हैं। इन सबके अलावा टाटा व बैंकिंग सेक्टर, अक्षय ऊर्जा, बायो वेस्ट मैनेजमेंट से लेकर अन्य कई क्षेत्रों की कंपनियां भी भाग ले रही है। इसके अलावा 'स्वयंसिद्ध' शीर्षक से असम और पूर्वोत्तर की महिला उद्यमियों की सफलता और हिम्मत का भी प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भरता की भावना को आगे बढ़ा रही हैं। 'स्वयंसिद्ध' के जरिए हम उन्हें वह विजिबिलिटी, नेटवर्किंग और विजनेस के मौके देना चाहते हैं, जिसके वे हकदार हैं।
श्री पाठक ने बताया कि चार दिवसीय आयोजन में उद्यमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र विभिन्न विषयों पर होने वाले सेमीनार है, जिनमें विशेषज्ञ अपनी राय रखेंगे। इन सेमीनारों में अभी तक 200 से अधिक भागेदारियां सुनिश्चित हो चुकी है। इस बार युवा और विद्यार्थियों को इस आयोजन से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनको भी लाभ मिल सके। पाठक के अनुसार इस आयोजन का मकसद स्थानीय उद्यमियों और एमएसएमई को बाजार, निवेशक एवं खरीददारों से जोड़ना है। साथ ही असम की बढ़ती औद्योगिक संभावनाओं को प्रदर्शित करने का भी है। यह मेला जमीनी स्तर से शुरू होकर 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने की हमारी मिली-जुली कोशिश को दर्शाता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि उद्यम-2025 में निवेशक, बिजनेस लीडर्स और पॉलिसी मेकर्स समेत 50,000 से ज्यादा लोगों के आने की संभावना है। इसमें लोग न सिर्फ उत्पाद देख सकेंगे, बल्कि उसे खरीद भी सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मेला असम के औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा तथा पूर्वोत्तर को नवाचार और उद्यमिता का एक बड़ा हब बनने के करीब ले जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह सारा आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा और उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री बिमल बोरा के मार्गदर्शन में हो रहा है।