राज्यसभा से जन विश्वास बिल को मंजूरी मिल गई है। इससे 19 मंत्रालयों से जुड़े 42 कानूनों के 183 प्रावधानों में जेल की सजा से मुक्ति मिलेगी। ये ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रमोट करेगा। अब अलग अलग विभाग के अधिकारी बाजार में आकर व्यापारियों को कानून और जेल भेजने का डर दिखाकर प्रताड़ित नहीं कर पाएंगे। संसद में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जन विश्वास बिल के जरिए बहुत से कानून में जेल जाने का प्रावधान खत्म कर रहे हैं।
सरकार के फैसले का लघु उद्योग भारती दिल्ली के अध्यक्ष दीवान चंद गुप्ता ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब देश में व्यापार करने में आसानी होगी। ये कानून पर्यावरण, कृषि, मीडिया, उद्योग, प्रकाशन और कई अन्य क्षेत्र के है, जिनमें होने वाले अपराध को या तो कम किया है, या खत्म किया है। कई मामलों में सिर्फ जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाएगा। सरकार मानती है कि लोगों पर भरोसा करना होगा। छोटी-मोटी भूल या गलतियों के लिए उन्हें सजा देना ठीक नहीं है। इसमें छोटा-मोटा जुर्माना लगाकर छोड़ देना ठीक है। अब व्यापारियों में डर कम होगा।
महासचिव मुकेश अग्रवाल ने कहा कि अभी सरकार को बहुत कुछ करने की जरूरत है। उद्यमियों में सरकार के प्रति नकारात्मक रुख को खत्म करना होगा। तभी लाभ है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स में उद्यमियों को पलूशन फैलाने वाला करार दिया है। उद्यमी कभी प्रदूषण नहीं फैलाता सरकार के तय मानको पर उद्यमी प्रोडक्शन करता है। अब यदि कोई किसी माल का गलत तरीके से उपयोग करे, तो उद्यमी दोघे नहीं है। जो प्रदूषण फैला रहा है, उसके विरुद्ध एक्शन हो।