डीएवी कॉलेज अमृतसर के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल द्वारा एस.सी. वर्ग के लिए उपलब्ध वित्तीय मदद के लिए एक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी चंडीगढ़ के सहयोग से करवाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एस.डी.एम. मजीठा सोनम ने करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा युवाओं को नवाचार और स्टार्ट अप के लिए अधिक से अधिक प्रेरित करने की जरूरत है, ताकि वे उद्यमिता देश की अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे सकें। देश को पांच टिलियन डालर की अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने में हमारे स्टार्टअप और यूनिकार्न की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, जिनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। सफल स्टार्टअप से प्रेरित होकर देश के ज्यादातर युवा अब इसी दिशा में सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार एससी वर्ग को हर तरह की वित्तीय मदद देने को अग्रसर है। उन्होंने विद्यार्थियों और गांव वासियों को स्वरोजगार से भी अवगत करवाया। लघु उद्योग की प्रेसिडेंट प्रियंका गोयल ने भी गांव के युवाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में उद्यमिता को एक मानसिकता के रूप में विकसित करने और उन्हें उद्यम बनाने के लिए अनुकूल अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए विकास का सबसे अच्छा तरीका है। उद्यमिता के जरिए युवाओं को देश के लिए बेहतर उत्पाद और सेवाओं के लिए संसाधनों को एक साथ लाने के अवसर मिलते हैं, जिससे हम मानव जीवन के अगले स्तर की ओर अग्रसर होते हैं। भारतीय युवाओं की उद्यमशीलता और नवीन सोच को उन्मुक्त करना ही शायद इस अवसर का लाभ उठाने का एकमात्र तरीका है। प्रिंसीपल डा. अमरदीप गुप्ता ने बताया कि उच्च शिक्षा के संस्थानों में भी इंक्यूबेशन लैब के माध्यम से युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके लिए उन्हें समुचित संसाधन के साथ वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस कार्यक्रम में युवाओं की पोल्ट्री फार्म, चिप्स, जैम, कैचअप निर्माण की जानकारी भी दी गई। युवाओं ने अपने बिजनेस आइडियाज भी साझे किए। इस अवसर पर कनवीनर डॉ मनप्रीत कौर, डॉ नैना हांडा, प्रो. बलराम सिंह यादव, अध्यापक जर्मजीत सिंह, संजीव स्याल, जवाहर लाल, पवनप्रीत कौर विशेष रूप से उपस्थित रहे।