भारत में स्टोन उद्योग के विकास के लिए काम करने वाली संस्था ग्लोबल स्टोन टेक्नोलॉजी फोरम (जीएसटीएफ) की ओर से आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल सेमिनार कल से किशनगढ़ में शुरू होगा। लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष और सेमिनार केसं योजक नटवरलाल अजमेरा ने बताया कि सेमिनार का आयोजन 9 से 10 जनवरी तक मार्बल एसोसिएशन ऑडिटोरियम में किया जाएगा।
सेमिनार के पहले दिन तीन तकनीकी सत्रों में बदलती तकनीक में स्टोन उद्योग में हो रहे नवाचारों पर 11 विशेषज्ञ अपनी प्रेजेंटेशन देंगे, जिसमें इटली के 3 स्टोन विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। प्रथम सत्र का विषय है मूल्य सृजन में नवाचारः पत्थर उद्योग के अपशिष्ट की अवसरों में बदलना, जिसमें राजेश शर्मा वरिष्ठ वैज्ञानिक, सीबीआरआई, रुड़की पत्थर अपशिष्ट उपयोग और उन्नत सामग्री विकास में सतत प्रौद्योगिकी नवाचारों पर तथा डॉ. रवींद्र नागर प्रोफेसर, एमएनआईटी पत्थर काटने के अपशिष्ट का टिकाऊ निर्माण सामग्री के उत्पादन में उपयोग पर प्रस्तुति देंगे।
दूसरा सत्र पत्थर प्रसंस्करण में उन्नत प्रौद्योगिकीः भविष्य के लिए उपकरण पर केंद्रित होगा। इस सत्र में तीन अंतरराष्ट्रीय पत्थर विशेषज्ञ अपनी प्रस्तुति देंगे, जिनमें सैम जावदी, वरिष्ठ प्रतिनिधि, पेड्रिनी, इटली पत्थर प्रसंस्करण में नवाचार रोबोटिक लाइन, मल्टी वायर माइक्रोवेव रेजिन लाइन और इसके फायदे, पिएरो बेटिनी, कंसलटेंट, इटली आयाम पत्थर की संभावना और विकास पर तथा इमैनुअल डी. वॉकर बिजनेस हेड, दक्षिण एशिया, सेलेनीज नवीनतम सतह परिष्करण और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रौद्योगिकी पर शोधपरक प्रस्तुति देंगे।
इसी तरह, तरह, तीसरा सत्र वैश्विक विकासः निर्यात संवर्धन, नीतियां और पत्थर उद्योग में कौशल थीम पर आधारित है। राजस्थान निर्यात संवर्धन परिषद के महाप्रबंधक पंकज राव निर्यात संवर्धन के लिए सरकारी पहलों पर, निर्यात ऋण गारंटी निगम लिमिटेड के शाखा प्रबंधक आदित्य सिंह ईसीजीसीः ऋण जोखिम न्यूनीकरण के माध्यम से निर्यात बढ़ाना, राजस्थान सरकार के उद्योग विभाग की संयुक्त आयुक्त शिल्पा गोखरू रिप्स-2024 के लाभ और मुख्य विशेषताओं पर तथा एनएसडीसी के पश्चिम क्षेत्रीय प्रमुख मोहम्मद कलाम कौशल पहलों पर बात करेंगे।