महात्मा गांधी जयंती पर लघु उद्योग भारती की कार्यकारिणी टीम ने स्वदेशी और वोकल फार लोकल को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पहल की। टीम ने खादी से बनी फुलकारी और पारंपरिक चरखा भेंट किया, जो गांधी को आत्मनिर्भरता और देशी हस्तशिल्प की प्रेरणा का प्रतीक है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को इसे राजभवन में प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही चंडीगढ़ के उद्योगपति द्वारा निर्मित भारत मानचित्र सहित ग्लोब, जिसे पूरे देश में आपूर्ति किया जा रहा है, भी प्रस्तुत किया गया। यह चंडीगढ़ के उद्योगों को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका को दशांता है।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अवी भसीन ने कहा कि गांधी जी का चरखा और खादी आज भी आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। हमारी कोशिश है कि स्थानीय उद्योगों और पारंपरिक कला को बढ़ावा देकर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फार लोकल अभियान को और मजबूती दें। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस अवसर पर प्रोत्साहन
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने स्वदेशी को प्रोत्साहित किया
लघु उद्योग भारती ने वोकल फार लोकल अभियान मजबूत किया
राजभवन में लघु उद्योग भारती के सदस्यों ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को फुलकारी और पारंपरिक चरखा भेट किया एसोसिएशन संदेश देते हुए कहा कि स्वदेशी अपनाना न केवल हमारी सांस्कृतिक घरोहर को सशक्त बनाता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है।
चंडीगढ़ के उद्योग वोकल फार लोकल की दिशा में एक मिसाल कायम कर रहे हैं। यह पहल अध्यक्ष अवी भसीन के नेतृत्व में की गई। इस अवसर पर सुनील खेतरपाल, मनीष निगम और प्रदीप सिंह प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।