जेनेवा स्विट्जरलैंड में आयोजित 11 वीं अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन हुआ। करने सम्मेलन का आयोजन यूनाइटेड नेशन के भवन तथा अंतरराष्ट्रीय लेबर करने आर्गेनाइजेशन के मुख्य कार्यालय जिनेवा में हुआ। अंतरराष्ट्रीय लेबर अगिनाइजेशन में दुनिया के 187 देश सदस्य के रूप में शामिल हैं। भारत से प्रतिनिधिमंडल के रूप में कुल 34. प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। के नियोक्ता संघ से (एम्प्लॉयर ग्रुप) से 14 प्रतिनिधि तथा श्रमिक संघ से (एम्प्लॉइज ग्रुप) से 15 प्रतिनिधि इस सम्मेलन में उपस्थित हुए तथा सरकार से 5 प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में त्रिकोणीय चर्चा की जाती है और इस दरमियान श्रम मानक की स्थापना की जाती है। नियोक्ता संघ श्रमिक संघ तथा सरकार ये तीनों मिलकर विभिन्न निर्धारित विषय पर चर्चा कर अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित करते हैं। गौरतलब है कि लघु उद्योग भारती से पिछले 15 सालों से अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में प्रतिनिधित्व किया जा रहा है हर साल दो प्रतिनिधि लघु उद्योग भारती से अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भेजे जाते हैं। इस वर्ष 2023 के अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में लघु उद्योग भारती से एचबीएस कृष्णा, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा उमा शर्मा अध्यक्ष मध्यभारत प्रांत सम्मेलन में सम्मिलित हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में मामा एप्रेटिशिप, सामाजिक न्याय, जस्ट ट्रांजीशन (न्यायोचित परिवर्तन) उक्त तीन मुद्दे मुख्यतः चर्चा के विषय रहे। 11 अप्रेंटिशिप कमेटी में उमा शर्मा ने तथा वि सोशल जस्टिस कमेटी में कृष्णा ने अपने सा सुझाव दिए और आमेंडमेंट्स ड्राफ्टिंग पर 1 चर्चा की। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भारत के प्रतिनिधि मंडल के साथ एम्बेसेडर इन्द्रामणि पाण्डेय के द्वारा उनके निवास इंडिया हाउस में भोज तथा अनौपचारिक चर्चा का आयोजन हुआ।
लघु उद्योग भारती खैरथल इकाई की मासिक बैठक एवम कार्यकारणी मीटिंग होटल में हुई मीटिंग में उद्योगों की समस्याओं पर चर्चा हुई, जिसमे सबसे पहले फ्यूल सरचार्ज से लघु उद्योगो को सेने वाले नुकसान पर चिंता व्यक्त की गई। सरसों तेल मिलो के लिए अलग सेकलस्टर बनाने पर चर्चा हुई एवम इसके लिए नरेंद्र गुप्ता मुकेश आयल मिल प्राइवेट लिमिटेड को प्रभारी बनाया गया।उन्होंने आयल मिलो को जीएसटी रिफंड न मिलने से होने वाले नुकसान को राज्य के जीएसटी मंत्री और केंद्र की वित् मंत्री को अवगत कराया जाने के लिए जयपुर में होने वाली मीटिंग मे उच्च पदाधीकारियो से करने के लिए कहा। जयपुर प्रांत की 17 जुलाई को जयपुर में बैठक है जिसमें जाने के लिए सभी सदस्यों ने ज्यादा से ज्यादा संख्या में बैठक में शामिल होने का आश्वासन भी दिया तथा वर्तमान कार्यकारिणी का वर्ष 2023 से 2025 के लिए पुनः अनुमोदन किया गया।
रीको औद्योगिक क्षेत्र खैरथल में फायर ब्रिगेड स्टेशन के लिए वर्क ऑर्डर जारी करने एवम ठेकदार द्वारा कार्य प्रारंभ करने पर सभी को धन्यवाद दिया गया। खैरथल मे ईएसआई डिस्पेंसरी खुलने मे हो रहे विलंब के बारे में भी शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराने के लिए सहमति जताई गई। बैठक में इकाई अध्यक्ष महेश कुमार, नरेंद्र गुप्ता, गौरव डाटा, नितेश डाटा चेतन दास, विकास शर्मा, पीकू आदतानी, घनश्याम दास, राजकुमार हिमांशु शर्मा आदि शामिल रहे। बैठक की शुरुआत इकाई अध्यक्ष महेश कुमार के स्वागत भाषण से हुई। मीटिंग का संचालन और धन्यवाद इकाई सचिव देवेंद्र कुमार शर्मा ने किया।
कस्बे में गुरुवार शाम को लघु उद्योग भारती बहरोड़ इकाई की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 17 जुलाई को जयपुर अंचल की होने वाली बैठक के बारे में चर्चा की गई साथ बहरोड इकाई की नई कार्यकारणी का गठन किया गया। जिसमें अध्यक्ष श्री राम पाइप के मालिक कृष्ण कुमार यादव, शिवा हार्डवेयर विरेन्द्र प्रजापति को महासचिव, विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज से ज्ञानेश जांगिड़ को सचिव व अग्रवाल पैकेजिंग से मनोज अग्रवाल को सर्वसम्मति से कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके साथ ही नई कार्यकारिणी का स्वागत किया गया।
जोधपुर उद्योग व्यापार संगठन विद्युत उपभोक्ता संघर्ष समिति की ओर से अवैध विद्युत सरचार्ज के विरोध में 20 जुलाई को प्रस्तावित धरने की रूपरेखा तैयार करने के लिए बुधवार को जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में बैठक की गई।
समिति संयोजक घनश्याम ओझा और सहसंयोजक व जे आईए अध्यक्ष एन.के. जैन ने बताया कि सरकार ने 1 जून से 100 से 200 यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा की है। सरकार की यह योजना आम लोगों को मंहगाई से राहत देने के लिए की गई थी। लेकिन मंहगाई से राहत तो नहीं मिली, उल्टा फ्यूल सरचार्ज का बोझ और डाल दिया गया। फ्यूल सरचार्ज को लेकर औद्योगिक उपभोक्ता, वाणिज्य उपभोक्ता एवं आम उपभोक्ताओं में रोष है। राज्य सरकार / डिस्कॉम ने फ्यूल सरचार्ज पर 7 गुना से लेकर 15 गुना तक वृद्धि कर दी है और इसका सबसे ज्यादा असर औद्योगिक उपभोक्ता व वाणिज्य उपभोक्ता पर हो रहा है। उन्होंने बताया कि अवैध विद्युत सरचार्ज के विरोध में 20 जुलाई को सुबह 11 बजे डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक कार्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा। बैठक में सभी उद्योगों से जुड़े उद्यमी मौजूद थे।
लघु उद्योग भारती (काशी प्रांत) की बैठक औसानगंज स्थिति जरी (कला वत्तू) निर्माण कारखाने में सम्पन्न हुई संघटन से जुड़े उद्यमियों ने सरकार द्वारा जरी पर से जीएसटी १२ से ५ प्रतिशत करने का स्वागत किया। टैक्स घटने से करोड़ों रुपये का वार्षिक बनारसी साड़ी के कारोबार को लाभ होगा तथा साड़ी के मूल्य में कमी आयेगी। राजेश कुमार सिंह (अध्यक्ष लघु उद्योग भारती) ने बताया कि जीएसटी काउंसिल एडवाइजरी कमेटी के सदस्य ओ पी मिल (निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती) के प्रयासों से यह छूट मिली है, जिसके लिए वाराणसी एवं मऊ में संघटन से जुड़े बनारसी साड़ी निर्माता तथा साड़ी के कच्चे माल के निर्माता निरंतर मांग कर रहे थे। प्रत्येक बनारसी साड़ी में ६० प्रतिशत (कलाव) जरी तथा ४० प्रतिशत विभिन्न प्रकार के धागों का प्रयोग होता है। विमलेश मौर्य, सतीश जायसवाल (जरी निर्माता) ने कहा कि जिस तरह जरी कलाव) पर से जीएसटी घटाया गया है उसी प्रकार हमारी मांग है कि सरकार बिजली कनेक्शन अटल बिहारी पावरलूम बुनकर फ्लैट रेट योजना के तहत पांच केवीए से बढ़ाकर ७- के. वी. ए. तक कर छूट प्रदान करे जिससे आधुनिक मशीनों रेपियर, वाटर जेट एयर जेट से साड़ियों वस्त्रों का निर्माण हो सके।
देश के प्रमुख व्यापारिक संगठन लघु उद्योग भारती की बयाना इकाई की बैठक बुधवार दोपहर रीको एरिया स्थित एक फैक्टरी परिसर में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता बयाना इकाई अध्यक्ष नितिन सिंघल ने की। सचिव कीर्तन बंसल ने बताया कि बैठक में व्यापारियों ने रीको एरिया स्थित स्टोन इकाइयों से निकलने वाली स्लरी मलबे के निस्तारण के लिए डंपिंग यार्ड बनवाए जाने की मांग उठाई। इसके अलावा भरतपुर जिले को ताज ट्रिपेजियम जोन और एनसीआर की पाबंदियों से बाहर निकालने की मांग उठाई। क्योंकि इससे व्यापारियों को कारोबार 'संचालन में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि लाभ कोई नहीं मिल रहा है। अध्यक्ष नितिन सिंघल ने बताया कि टीटीजेड से बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (एएफ्क) द्वारा वायु प्रदूषण आकलन संबंधी सर्वे के लिए करीब 23 लाख का खर्चा बताया गया है। जिसका आर्थिक भार पॉल्युशन बोर्ड की ओर से व्यापारियों पर डाला जा रहा है, जो कि पूरी तरह से अनुचित है। व्यापारियों ने इस कार्य को राज्य सरकार के द्वारा वहन करने की मांग उठाई। इसके अलावा रीको एरिया में डिस्कॉम की ओर से मीटर एईएन की नियुक्ति कराए जाने की मांग की। बैठक में कोषाध्यक्ष प्रमोद जैन, सचिव केतन बंसल, सतीश नारंग, विष्णु सिंघल, बबलू धाकड़, चंद्रप्रकाश कपूर, राजीव अग्रवाल, मुकेश सिंघल, नवीन सिंघल, कैलाश बंसल, मदन मोहन बंसल, कृष्णकांत सिंघल, रोहित अग्रवाल, संजीव गुप्ता आदि व्यापारी मौजूद रहे।
देश में पर्यावरण के लिये समस्या बनी पराली अब लकड़ी का विकल्प बनेगी। यह संभव हुआ है भोपाल एम्प्री द्वारा विकसित नई पेटेंटेड नवीन तकनीक से मंगलवार । सीएसआईआर-एम्प्री भोपाल, दिल्ली ने उत्पादकता परिषद एवं लघु उद्योग भारती न बीच हुई बैठक में इसको साझा किया गया। सीएसआईआर-एम्प्री के निदेशक डॉ. अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ये पराली-आधारित लकड़ी-वैकल्पिक उत्पाद किसानों और स्टार्ट-अप के लिए वास्तविक गेम चेंजर बन सकते हैं, उन्हें एक नया आर्थिक आउटलेट प्रदान कर सकते हैं और रोजगार पैदा करने में मदद कर सकते हैं।
दरअसल पराली पर ध्यान केंद्रित करते 7 हुए सीएसआईआर-एडवांस मैटेरियल्स एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एम्प्री), भोपाल हाइब्रिड ग्रीन कंपोजिट के निर्माण के लिए पराली (धान के पुआल व ठूंठ) और गेहूं के भूसे के बड़े पैमाने पर पुनर्चक्रण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंटेड नवीन तकनीक विकसित की है। इस नवाचार ने निर्माण सामग्री अनुप्रयोगों के लिए लकड़ी के विकल्प के विकास के लिए नई सामग्रियों को पेश करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस नवीन ग्रीन हाइब्रिड पदार्थ का उपयोग लकड़ी के विकल्प के रूप में और बुनियादी ढांचे और घरेलू अनुप्रयोगों में उपयोग के लिए मध्यम घनत्व वाले बोर्डों के विकल्प के रूप में भी किया जा सकता है। सीएसआईआर-एम्प्री के निदेशक डॉ. अवनीश ने बताया कि प्रौद्योगिकी पैकेज व्यावसायिक स्तर के विनिर्माण के लिए तैयार है। विकसित उत्पाद में निर्माण अनुप्रयोगों के लिए पार्टिकल बोर्ड की तुलना में बेहतर गुण हैं। यह तकनीक विभिन्न कृषि- औद्योगिक कचरे जैसे धान के पुआल, गेहूं के भूसे, संगमरमर के कचरे, लाल मिट्टी, फ्लाई ऐश, अन्य खनिजों और धातुकर्म कचरे के प्रभावी उपयोग के लिए एक संभावित समाधान भी प्रदान करती है।
सीएसआईआर-एम्प्रीकी विकसित तकनीक पराली जलाने की पर्यावरणीय समस्या का एक हरित समाधान है और सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल में योगदान करती है। क्योंकि यह रोजगार पैदा करती है और किसानों की आजीविका में सुधार करती है। इसके साथ ही व्यावसायीकरण के लिए तैयार तकनीक उच्च-गुणवत्ता और चमकदार फिनिश कंपोजिट का उत्पादन करती है, जो एक बहुलक प्रणाली में 60 प्रतिशत पराली का उपयोग करती है। नवोन्मेषी सम्मिश्र सामग्री में सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कि दरवाजे, फाल्स सीलिंग, वास्तुशिल्प दीवार पैनल, विभाजन, फर्नीचर आदि के लिए यह उपयोग की जाएगी।
Lagu Udyog Bharti, is the largest industry organization of the nation, whose mission is na- tional interest from industrial interest. It has been working for the interests of micro, small and medium enterprises in India for the past 28 years and for the progress of entrepreneurs. Laghu Bharti is working with an aim to make 21st century India become self-reliant and to strengthen the organization of small-scale industries. Working towards this goal the announcement of the Vadodara district executive committee for the year 2023-25 was held in Vadodara under the chairmanship of Hon'ble Baldevbhai Prajapati and in the special presence of State President Hon'ble Shyam Sundar Saluja. Vadodara District Executive Members for 2023'25 are Viral Chowdhary – President Mukundbhai Patel – Vice President, Dharmendra Bhai Patel – Vice President, Nileshbhai Patel -General Secretary, Jayendrabhai Makwana – Treasurer, Yash Mehta – Associate Secretary
लघु उद्योग भारती के जालंधर के चुनाव वरिष्ठ सदस्य मनोहर धवन के सानिध्य में हुए। सर्वसम्मति से विवेक राठौर को अध्यक्ष, अनिरुद्ध धीर को महासचिव और वरुण भल्ला को कोषाध्यक्ष घोषित किया गया। शेष टीम की घोषणा वरिष्ठ सदस्यों व प्रदेश पदाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद की जाएगी। लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष एडवोकेट अरविंद धूमल, प्रदेश कोषाध्यक्ष विक्रांत शर्मा, उपाध्यक्ष हरीश गुप्ता, संयुक्त महासचिव अनुज कपूर, पूर्व महासचिव उत्तम चड्ढा, आकाश राठौर, अमित दुग्गल, सुमित दुग्गल, एडवोकेट गुलशन तलवार, ललित भल्ला, आशीष शर्मा उपस्थित थे। इससे पूर्व लघु उद्योग भारती पंजाब के एडवाइजर व संत ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन स्व रूप सिंह धूमल के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट अरविंद धूमल ने कहा कि कुटीर, लघु, सूक्ष्म, मध्यम व कुटीर उद्योग देश की आर्थिकता का सबसे सुदृढ़ धुरा है। वर्तमान केंद्र सरकार ने उपरोक्त सार्थकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाएं तैयार की हैं। राठौर ने प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों प्रति अपनाए जा रहे नकारात्मक रवैये के प्रति जागरूक किया।
लघु उद्योग भारती कोटा की कार्यकारिणी बैठक में द्विवर्षीय चुनाव सम्पन्न हुए। लघु उद्योग कोटा इकाई के निवर्तमान अध्यक्ष सीए महेश गुप्ता ने बताया कि द्विवर्षीय कार्यकाल 2023 से 2025 के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। जिसमें नितिन अग्रवाल कोटा ईकाई के अध्यक्ष, संदीप जांगिड़ सचिव एवं संदीप बाकलीवाल सर्वसम्मति से कोषाध्यक्ष चुने गए। बैठक में लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उद्यमी ताराचंद गोयल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य गोविंद राम मित्तल एवं कीर्ति जैन, चित्तौड़ प्रांत के महामंत्री पवन गोयल सहित कई लघु उद्यमी सदस्य उपस्थित रहे।
लघु उद्योग भारती एवं मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप ( गवर्नमेंट ऑफ इंडिया) के संयुक्त तत्वावधान में 7 व 8 जुलाई को दो दिवसीय अप्रेंटिस ट्रेनिंग कार्यशाला राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के तरुण मित्तल सभागार में आयोजित की जायेगी । लघु उद्योग भारती के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने बताया कि शहर के सभी लघु उद्यमी आंत्रप्रिन्योर, स्कूल, कॉलेज, पॉलिटेक्नीक इंजीनियरिंग कॉलेजों प्रतिनिधी अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ उठायें।

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