लघु उद्योग भारती का प्रतिनिधिमंडल अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा व अखिल भारतीय महामंत्री ओमप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से मिला और बजट पूर्व बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, एमएसएमई राजस्व व वित्त मंत्रालय के अधिकारी व मुख्य आर्थिक सलाहकार उपस्थित थे।
यह दिए वित्तमंत्री को सुझाव
▶ जीएसटी जब 2017 में लागू किया गया था जिसकी जानकारी के अभाव के कुछतकनीकी गलतियां हुई जिसके कारण वर्तमान में ऑडिट मे कई प्रकार की शास्ती लगाई जा रही है। इन तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए सरकार एक एमेनेस्टी योजना लाई जाए। अगर टैक्स बकाया है तो एक मुश्त समाधान योजना से उसका निपटारा किया जाए।
▶ अगर एमएसएमई ऋण के लिए एक बैक से दूसरे बैंक में खाता बदलता है तो उससे किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए।
▶ टैक्स प्रदाता सरकार को आयकर के रूप में, जीएसटी के रूप में बड़ा राजस्व जमा करवाता है उसको जीवन के अंतिम पड़ाव में सामाजिक सुरक्षा के तहत प्रतिमाह कुछ मानदेय दिया जाए।
▶ एमएसएमई में नियमित भुगतान के लिए 43 बीएच धारा का लघु उद्योग भारती स्वागत करती है, लेकिन इसमे कुछ व्याहारिक कठिनाईयों के संशोधन की आवश्यकता है। साथ ही सरकार के सभी सरकारी विभागों से आग्रह है कि वे भी सभी को समय पर भुगतान किया जाए।
▶ आईजीएसटी, एसजीएसटी, सीजीएसटी मे उपलब्ध इनपुट केडिट तीनो सेगमेंट में उपयोग करने की स्वीकृति देनी चाहिए।
▶ जीएसटी मे सेक्शन 16 (2) को वापस लिया जाना चाहिए। इसमें खरीददार, बिक्रीदाता को 180 दिन मे भुगतान नहीं करता है तो उसे जीएसटी रिवर्स भरनी पड़ती है जबकि वह जीएसटी जमा करवा चुका होता है।
▶ जिन जिन उत्पाद पर जीएसटी कम है व उनके कच्चे माल वः सर्विस सेक्टर में जीएसटी ज्यादा भरनी पड़ती है। जीएसटी का रिफंड ज्यादा बनता है उन उत्पादों के दरो को पुनः निर्धारित करने की आवश्यकता है।
▶ निर्यात से विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। अगले 3 वर्षों मे देश का निर्यात दुगुना कैसे हो, इसके लिए सरकार को एक विशेष पैकेज की योजना लागू करनी चाहिए।
▶ जॉब वर्क करने वाले छोटे उद्यमी होते हैं उन पर समान रूप से 5 प्रतिशत का जीएसटी ली जानी चाहिए।
▶ एमएसएमई में तकनीकी उन्नयन के लिए सरकार एक विशेष योजना लेकर आए।
▶ मुद्रा योजना सरकार की बहुत अच्छी योजना हैं। सरकार बैंकों को बाध्य करे कि वो इस योजना के तहत एमएसएमई को अधिक से अधिक ऋण प्रदान करे।
▶ वर्तमान मे रूफटॉप सोलर लगाने की विद्युत विभाग की स्वीकृत भार की सीमा (कैप) है इसे हटाया जाना चाहिए।
▶ इसी प्रकार जीएसटी, बैक, आयकर, आयात कर व विभिन्न पॉलिसी मैटर पर सुझाव दिए गए।